नीमच विधानसभा क्षेत्र के विधायक दिलीप सिंह परिहार का एक और मामला सामने आया है। जिसे लेकर चीताखेड़ा के आसपास के दलित और आदिवासी वर्ग से जुड़े हुए लोगों में भारी आक्रोश है। आश्चर्य की बात यह है कि इस मामले में प्रशासन ने विधायक दिलीप सिंह परिहार पर कोई कार्रवाई नहीं की है। चीताखेड़ा क्षेत्र के गांव गेमरपुरा, गोपालपुरा, पाँवड़ा के किसानों की जमीनों पर दबंगई कर जेसीबी मशीन चलाकर फसले नष्ट कर दी थी यह जुलाई 2024 की घटना है लेकिन अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई, किसान नेता राजेंद्र सिंह तोमर के नेतृत्व में किसानों ने कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा था।
विधायक ने खरीदी चीताखेड़ा के पास 60 बीघा जमीन- उसने पेट्रोल पम्प की जमीन वाले लालूराम और प्रेमबाई भी शामिल है, इन दोनों आदिवासी किसानों की जमीन पर विधायक दिलीपसिंह परिहार ने पेट्रोल पंप तो खोल दिया पर इन्हें अभी तक उस जमीन पर कब्जा नहीं मिला है! विधायक के बेटे यशराज सहित कई नामों से रजिस्ट्री कराई गई है। किसानों में आक्रोश है, क्योंकि उन्हें पट्टे पर जमीन मिली थी, उनकी रजिस्ट्री फर्जी तरीके से कराई गई है। करीब 60 बीघा जमीन का बड़ा मामला सामने आया है।

पेट्रोल पंप तो तन गया, लेकिन उन्हें हक नहीं मिला:-
नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार पर लगे दलित और आदिवासियों की 60 बीघा जमीन हड़पने के गंभीर आरोप। जुलाई 2024 में जेसीबी चलाकर फसलें रौंद दी गईं, लेकिन प्रशासन अब तक मौन है।
लालूराम और प्रेमबाई जैसे गरीब किसानों की पट्टे वाली जमीन पर पेट्रोल पंप तो तन गया, लेकिन उन्हें हक नहीं मिला। क्या सत्ता की धमक के आगे गरीबों की पुकार दब जाएगी