लोकतंत्र की है हत्या
वहीं, मीनाक्षी नटराजन का नमांकन रद्द होने पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा है कि यह लोकतंत्र की हत्या है। उन्होंने कहा है कि हम इसके खिलाफ कोर्ट जाएंगे। साथ ही कहा कि कांग्रेस इसके खिलाफ सड़क पर उतरेगी। कांग्रेस नेता विधानसभा से निकल गए हैं।
ये है केस की टाइमलाइन
- 11 मई 2025: शिकायतकर्ता ए. श्रीलता की शिकायत के आधार पर यह मामला दर्ज किया गया।
- 20 अगस्त 2025: ए. श्रीलता ने हैदराबाद की ‘फोर्थ एडिशनल चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट’ की अदालत में मीनाक्षी नटराजन (अभियुक्त नंबर 4) और अन्य के खिलाफ मुख्य याचिका (Complaint No. of 2025) दायर की। इसमें नटराजन पर BNS Act की धारा 356, 61, 45, 46, 351(2), 3(5) और 79 के तहत आरोप लगाए गए हैं।
- 17 सितम्बर 2025: माननीय अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मीनाक्षी नटराजन को ‘नोटिस टू रेस्पोंडेंट’ जारी किया। इस समन में उन्हें निजी तौर पर अदालत में पेश होने और अपना जवाब दाखिल करने का सख्त निर्देश दिया गया था।
- 24 अक्टूबर 2025: मीनाक्षी नटराजन की ओर से उनके वकील ने अदालत में एक जवाबी हलफनामा (Counter) पेश किया। इस जवाब में उन्होंने खुद को बेकसूर बताते हुए पूरी शिकायत को “राजनीतिक विद्वेष” से प्रेरित बताया और इसे खारिज करने की मांग की।
- 17 नवम्बर 2025: अदालत ने मामले को खारिज नहीं किया, बल्कि सुनवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी जो आज भी जारी है।
बीजेपी ने की थी शिकायत
मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ बीजेपी नेताओं ने रिटर्निंग ऑफिसर के पास नामांकन छुपाने को लेकर शिकायत की थी। तेलंगाना के केस के साथ ही कुछ संपत्ति से जुड़े मामले भी हैं, जिसकी जानकारी नहीं दी गई है। रिटर्निंग ऑफिसर ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद नामांकन को रद्द कर दिया है।
हमें कुछ नहीं लेना देना
वहीं, मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने के बाद उद्योग मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा है कि कांग्रेस क्या कर रही है, इससे हमें कोई लेना देना नहीं है। उन्हें तो अपने घर में मची उथल-पुथल की चिंता करनी चाहिए। हमें पूरा भरोसा है कि बीजेपी के विकास कार्यों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों का हमें समर्थन मिलेगा।
नॉमिनेशन फॉर्म में देनी होती है जानकारी
बीजेपी की ओर से वकील संकेत गुप्ता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार आपको सारे मामले की जानकारी देनी पड़ती है। हमने रिटर्निंग ऑफिसर के सामने सुप्रीम कोर्ट और ईसीआई की गाइडलाइन को पेश किया है। इसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने उनके नामांकन रद्द कर दिया है। संकेत गुप्ता ने कहा कि यह कानून की जीत है।
कानून की धज्जियां उड़ाई गईं
वहीं, कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि कानून और नियमों की धज्जियां उड़ा दी गई हैं। हम शाम को कांग्रेस कार्यालय में इस पर बात करेंगे।
बीजेपी उम्मीदवारों की जीत है तय
मध्य प्रदेश में अब राज्य सभा के लिए तीनों उम्मीदवारों की जीत तय है। बीजेपी ने तीसरे उम्मीदवार के रूप में महेश केवट को मैदान में उतारा था। बीजेपी के पास वोट नहीं था। कांग्रेस उम्मीदवार के नामांकन रद्द होने के बाद बीजेपी के तीनों उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत तय है।


