नीमच। सरवानिया पुलिस चौकी क्षेत्र में राजस्थान पुलिस के एक फरार तस्कर से तोड़बट्टे का मामला फिलहाल चर्चाओं में है, बताया जा रहा है कि स्थानीय सेमली चंद्रावत के नरेंद्र और जिम्मेदार जांच एजेंसी के बीच बड़ा सेटलमेंट हाल ही में हुआ है...?
मामला दरसल राजस्थान पुलिस से जुड़ा  होकर एनडीपीएस का है,और सेमली का नरेंद्र तस्करी के मामले में आरोपी  होकर राजस्थान पुलिस का फरार वारंटी है. खबर है की एनडीपीएस के एक मामले में राजस्थान पुलिस के आरोपी नरेंद को कुछ दिनों की पेरोल मिली थी,और पैरोल अवधि के पूर्ण होने के दौरान ही नरेंद्र ने फरार होने की योजना बना ली थी.जिसके बाद से आरोपी नरेंद्र अब तक फरार चल रहा था. और इस सबंध में स्थानीय पुलिस को भी इसकी सूचना दी इधर मामले में जन चर्चाओं के मुताबिक जो खबर निकलकर सामने आ रही है, उसके मुताबिक पुलिस ने नरेद्र को सरवानिया बस स्टैंड से उड़ाया और जावी रोड़ स्थित एक कमरे में बंद रखा,जिसके बाद मामले में सेमली चंद्रावत के ही एक शख्स ने पुलिस और नरेंद्र की बीच मध्यस्थता कराते हुए, करीब 17 पेटी में  तोड़ बट्टा करवाया ? हालांकि इस मामले में सरवानिया पुलिस चौकी प्रभारी असलम पठान ने बताया कि उनके चौकी क्षेत्र में इस प्रकार का कोई भी घटनाक्रम कारित नहीं हुआ है, मामले में स्थानीय पुलिस को अफवाह है और इस सबंध में चरित अधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया।
बहरहाल स्थानीय पुलिस भले ही इस घटनाक्रम की हकीकत से दूर भाग रही है, और मामले को महज अफवाह का नाम देकर पहाड़ रही है, लेकिन इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि राजस्थान पुलिस के फरार आरोपी सेमली के नरेंद्र को उठाया भी गया और उसे एक गोपनीय ठिकाने पर रखा भी गया जहाँ तोड़ बट्टा की कहानी को अमलीजामा भी पहनाया गया...इधर खबर लिखे जाने तक मामले में पुलिस कप्तान  अंकित जायसवाल द्वारा गंभीरता से कदम उठाते हुए, चौकी प्रभारी असलम पठान, आरक्षक नरेंद्र मालवीय, अशोक चंद्रावत, व नाहर सिह को लाइन अटैच कर दिया है...!