नीमचा सावन महीना शुरू हो चुका है। दो सावन सोमवार आ चुके हैं। आज श्रावण मास की प्रसिद्ध हरियाली अमावस्या है। अपने मालवा मेवाड़ में हरियाली अमावस्या पर विभिन्न कार्यकमों का आयोजन होता है। जिसमें कई जगह महादेव के मंदिरों पर मेले का आयोजन किया जाता है। राजस्थान के प्रसिद्ध उदयपुर शहर में सहेलियों की बाड़ी में एक भव्य शानदार मेले का आयोजन वर्षों से होता आ रहा है जिसमें हजारों लोग भाग लेते हैं। अपने नीमच शहर में हरियाली अमावस्या के अवसर पर सबसे प्रमुख प्रसिद्ध पकवान मालपुआ बनाया और ग'हण किया जाता है। नीमच शहर के प्रमुख बाजारों में आज सुबह से ही विभिन्न प्रकार के मालपुआ बनाए जा रहे हैं। जिसमें शुद्ध देसी घी का मालपुआ और रबड़ी के मालपुए, और सादे मालपुए प्रमुख रूप से गरमा गरम बनाए जा रहे हैं। आज के दिन घरों में भी मालपुए बनाए जाते हैं। नीमच शहर के प्रमुख टैगोर मार्ग तिलक मार्ग गायत्री मंदिर रोड फवारा चौक की प्रसिद्ध मिठाई की दुकानों पर आज सिर्फ मालपुआ बनाए जा रहे हैं। नीमच सिटी में आज परंपरा गत दुकानों पर मालपुआ का गरमा गरम बनाए जा रहे हैं। नीमच सिटी में परंपरा के अनुसार सेठिया की दुकान राजू चाय की दुकान पर सावन महीना लगता ही मालपुआ बना शुरू हो जाते हैं जो कि पूरे माह लगातार चलते रहते हैं। आज हरियाली अमावस्या के मौके पर नीमच सिटी के मुख्य चौराहे पर कालू हलवाई की दुकान पर विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट मालपुए बनाए गए हैं जिसकी बिक्री जोरों पर रही। नीमच कैंट नीमच सिटी बघाना क्षेत्र में आज शाम तक क्विंटलों मालपुऐ खप जाएंगे। आज सुबह से ही मिठाई की दुकानों पर भारी भीड़ नजर आ रही है मुख्य कारण यह है कि ग्रामीण क्षेत्र की जनता नीमच में ही मालपुआ खरीदने आती है। और कई सैकड़ो परिवार वर्ष में एक बार सिर्फ आज के दिन इस मालवी व्यंजन मालपुआ खाते हैं। इस बार अमावस्या के दो दिन पूर्व से ही शानदार बरसात हो चुकी है इसलिए इसका मजा दोगुना हो गया है। कुल मिलाकर आज सुबह से लेकर समाचार लिखे जाने तक पूरा शहर मालपुए की खुशबू से महक रहा था।