हजारों शिवभक्तों ने किए रामझर महादेव के दिव्य दर्शन -रात तक गूंजता रहा शिवालय हर हर महादेव...., बम-बम भोले...., ओम् नमः शिवाय.....,35 से भी अधिक क्षेत्रों से आई कावड़ यात्राएं,दूर दूर से पैदल आए भक्त पढ़ें दशरथ माली की ये रिपोर्ट
28 Jul 2025
Local News
हजारों शिवभक्तों ने किए रामझर महादेव के दिव्य दर्शन -रात तक गूंजता रहा शिवालय हर हर महादेव...., बम-बम भोले...., ओम् नमः शिवाय.....,35 से भी अधिक क्षेत्रों से आई कावड़ यात्राएं,दूर दूर से पैदल आए भक्त पढ़ें दशरथ माली की ये रिपोर्ट
चीताखेड़ा -28 जुलाई। *सावन केवल महिना नहीं बल्कि एक पावन अनुभूति हैं। सावन माह का तीसरा सोमवार, सुबह मंदिर के पट खुलते ही शिव भक्तों में ऐसा उत्साह छाया कि दिन कब गुजर गया पता ही नहीं चला,देर रात तक मंदिरों में जयकारे गूंजते रहे। किसी के हाथ में त्रिशूल तो किसी के हाथ में डमरू, तो किसी के हाथ में चिमटा तो किसी के हाथ में ताशें , किसी ने ॐ का टैटू तो किसी के गले व हाथ की कलाई में रुद्राक्ष की माला धारण किए हुए तो किसी ने भोलेनाथ के फोटो वाली शिव शब्दों से अंकित टी-शर्ट धारण किए हुए सभी अपनी अपनी मस्ती में शिव के पथ पर आस्था में डूबे झूमते कांवड़िए बम-बम भोले का उदघोष करते हुए चल रहे थे।*- सावन माह के तीसरे सोमवार के अवसर पर अंचल का प्रसिद्ध एक हजार वर्ष पुराना अतिप्राचीन भगवान श्री रामझर महादेव धाम से लेकर अंचल भर के शिव मंदिरों में भक्तों में ऐसा उत्साह छाया की रात तक हर -हर महादेव........, बम-बम भोले....... ओम् नमः शिवाय......का जयकारा गूंजता रहा। भगवान श्री रामझर महादेव धाम पर सुबह 5:00 बजे पट खुलते ही भक्तों का आगमन शुरू हुआ, इसके बाद भक्तों का सैलाब रुका ही नहीं। तीसरे सोमवार के अवसर पर चीताखेड़ा,आसपूरा, जीरन, कराड़िया महाराज सहित अंचल भर से करीब 35 से भी अधिक क्षेत्रों से कावड़ यात्राएं भगवान श्री रामझर महादेव धाम पहुंची। हाथ में त्रिशूल, हाथ पर ॐ का टैटू, गले एवं हाथ की कलाई में रुद्राक्ष की माला, भोलेनाथ, शिव शब्दों से अंकित टी-शर्ट धारण किए नई युवा पीढ़ी कांवड़िए शिव की आस्था में डूबे व मस्ती में झूमते नजर आ रहे थे। दिन भर शिव भक्तों की कतारे भगवान आशुतोष के दिव्य दर्शन करने हेतु लगी रही। सुबह से देर रात तक एक अनुमान के अनुसार लगभग 18 हजार भक्तों ने भगवान श्री रामझर महादेव के दर्शन किए। भक्तों की अधिक संख्या को देखते हुए सोमवार को भक्तों को गर्भगृह के अंदर प्रवेश नहीं मिला और बाहर से ही दर्शन करने पड़े। पूजन सामग्री पुजारियों के माध्यम से ही रामझर महादेव जी को अर्पित की गई।
भगवान श्री रामझर महादेव को शिवभक्तों द्वारा बिल्वपत्रों,दूध, दही, घी, शहद, धतुरा,पंचामृत चढ़ाया और जलाभिषेक कर पूजा अर्चना कर भगवान आशुतोष से क्षेत्र में जोरदार बारिश और अपने परिवार सुख समृद्धि की कामना की। यह क्रम दिन भर चलता रहा। यहां भगवान श्री भोले की एक झलक पाने के लिए शिव भक्त अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। शिव भक्तों ने बताया है कि रामझर महादेव की प्रतिमा बहुत ही आकर्षक व चमत्कारी हैं यह एक हजार वर्ष से भी अधिक पुरानी प्रतिमा है। यहां दर्शन करने मात्र से ही भक्तों की मनोवांछित मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है। शिवभक्तों द्वारा लगाए गए जयकारे से शिवालय गूंजता रहा। दिन भर ग्रामीण क्षेत्रों से भक्तों की टोलियां पहुंची। मंदिर पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से चौकी प्रभारी राजेंद्र सिंह सिसौदिया अपनी पुलिस टीम के साथ ही चोकीदार और मंदिर समिति के सदस्य तैनात रहे। मंदिर गर्भगृह, मंदिर परिसर, वाहन पार्किंग से लेकर नदी (घाट) तक जीरन थाना पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद रही। अंचल भर से अलग-अलग ग्रामीण क्षेत्र से पैदल डीजे साउण्ड,बैण्ड बाजों एवं ढोल धमाकों के साथ बड़ी संख्या में कांवड़िए कंधे पर कावड़ लेकर बड़ी संख्या में श्रद्धालु नाचते झूमते हुए बाबा के दरबार पहुंचे जहां पर मंदिर समिति के पदाधिकारी द्वारा तिलक लगाकर फूल मालाओं से स्वागत सत्कार किया।