मंदसौर। विवादो में रही मंदसौर नारकोटिक्स विंग का एक और ताजा मामला सामने आया है। मामले में हांल ही में नारकोटिक्स की कस्टडी में महिपालसिंह की मौत को लेकर कई बड़े सवाल खड़े हो रहे है। जिसका विरोध करणी सेना सहित महिपाल के परिजनो ने भी किया है। इस मामले के बाद टीआई राकेश चौधरी को आनन फानन में इंदौर अटेच करने की सूचना है, लेकिन वही फिरोती के आरोपी रहे चावड़ा कई वर्षो से मंदसौर विंग से मौह भंग न होने पर भी कोई आंच नही होने की चर्चा आम है। जानकारी के मुताबिक मंदसौर नारकोटिक्स में पदस्थ टीआई राकेश चौधरी और इंस्पेक्टर भरत चावड़ा पूर्व में दो बार फिरोती के आरोप में आरोपी रहे है, साथ ही आरोपी महिपालसिंह के परिजनो के हवाले से यह भी जानकारी सामने आ रही है कि महिपाल की गिरफ्तारी के बाद महिपाल से बार — बार परिजनो को कॉल करवाए गए थे, हालांकि इस मामले में फिरोती मांगी गई या नही यह अभी तक स्पष्ट नही हुआ है। लेकिन महिपालसिंह की मौत अभी तक संदेह के घेरे में है। महिपालसिंह की नारकोटिक्स विंग की कस्टडी में अचानक तबियत बिगड़ना और ईलाज के दौरान मौत होना कई शंकाओ को जन्म दे रहा है। परिजनो का कहना है कि महिपालसिंह रोजाना की तरह घर से अपने खेत के लिए स्वस्थ्य रूप से निकला था, फिर अचानक उनकी गिरफ्तारी की सूचना सबको हैरत में डाल रही है। विंग के कुछ अधिकारियो के द्वारा लगातार घर पर महिपाल से कॉल कराए गए थे। जिसके बाद अचानक देर रात्रि महिपाल की तबियत बिगड़ना और शासकीय की बजाए निजी अस्पताल ले जाने के बाद उसकी मौत होना अपने आप में एक बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। हालांकि करणी सेना के विरोध के बाद महिपालसिंह के शव का स्टमार्टम शासकिय अस्पताल में कराया गया। रिपोर्ट में महिपालसिंह की मौत होने का कोई ठोस प्रमाण तो नही मिला, लेकिन जानकारो का कहना है कि फिरोती मांगने वाले आरोपी रहे अधिकारी चौधरी और चावड़ा का पुन: महिपालसिंह की अचानक गिरफ्तारी से कनेक्शन है। यदि विभागिय स्तर पर उच्च जांच की जाए और यह जानकारी निकाली जाए की महिपाल की वाकई में गिरफ्तारी कहां से हुई, कितनी मात्रा में ड्रग्स पकड़ी, महिपाल अब तक किन किन लोगो के संपर्क में रहकर ड्रग्स का कारोबार कर रहा था, या फिर चमकोमाईसीन देकर कही विंग के अधिकारी ही जबरन कार्रवाई को अंजाम देकर महिपाल की मौत का कारण तो नही बने। हालांकि अभी तक जो जानकारी सामने आ रही है उसमें यह बताया जा रहा है मंदसौर नारकोटिक्स विंग में पदस्थ हुए भरत चावड़ा को कई वर्ष गुजर चुके है। और इनके कार्यकाल में अब तक कई फिरोती से जुड़े मामलो को लेकर शिकायते भी हो चुकी है। शिकायतो में यह भी भी सामने भी आया है कि भरत चावड़ा की बेनामी संपत्ति है, अब वो कैसे अर्जित की और कहां से की यहं एक बड़ा जांच का विषय है।