जे.के. सीमेंट समूह के एम.डी. डॉ.राघवपत सिंघानिया और सह एम.डी. माधवकृष्ण सिंघानिया के नेतृत्व में जे.के. सीमेंट समूह उत्तरोत्तर प्रगति की ओर बढ़ा रहा है कदम !,सिंघानिया ब्रदर्स ने किया स्व. श्री यदुपति सिंघानिया की पांचवीं पुण्यतिथि पर उनके सपने को साकार, गुजरात के बालासिनोर और कश्मीर के श्रीनगर में प्रारंभ हुए जे.के. सीमेंट के यूनिट!
14 Aug 2025
Local News
संतोष जैन -राजस्थान किरण
निंबाहेड़ा/ भारत में जे.के.सीमेंट समूह के युवा एम.डी. डॉ. राघवपत सिंघानिया और सह एम.डी. माधव कृष्ण सिंघानिया ने जेके सीमेंट समूह के प्रबंध निदेशक स्व. श्री यदुपति सिंघानिया द्वारा देखे गए सपने को उनकी पांचवीं पुण्यतिथि पर पूरा किया है और जे.के. सीमेंट समूह ने अपने गुजरात स्थित बालासिनोर सीमेंट प्लांट एवं कश्मीर में श्रीनगर में स्थित सेफिको सीमेंट प्लांट से अपनी साझेदारी कर जे.के.सीमेंट का उत्पादन शुरू कर दिया है। अपनी योग्यता एवं कार्य कुशलता से जे.के. सीमेंट समूह के एमडी डॉ.राघवपत सिंघानिया ने 2007 में स्पेशल एग्जीक्यूटिव के रूप में स्व.श्री यदुपति सिंघानिया के सानिध्य में जे.के. सीमेंट समूह में व्यवसाय की शुरुआत की और जैसे-जैसे वक्त गुजरता गया डॉ. राघवपत सिंघानिया ने कुशल प्रशासक के रूप में अपनी कार्य यात्रा को आगे बढ़ाते हुए सीमेंट उद्योग के अभी तक के सबसे युवा प्रबंध निदेशक बने हैं। डॉ.राघवपत सिंघानिया ने कंपनी की रणनीति और तौर-तरीकों को कुशलतापूर्वक संभाला है उसी का नतीजा है कि जे.के. सीमेंट ग्रुप आज नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है और समूह का भविष्य भी उज्जवल है। जे.के. सीमेंट ग्रुप को जो ऊंचाइयां डॉ.राघवपत सिंघानिया के नेतृत्व में प्राप्त हुई है वह अपने आप में अनुकरणीय हैं। जे.के. कंपनी ने इनके नेतृत्व में 2020 में अपने विभिन्न प्लांटों का विस्तार करते हुए अपनी उत्पादन क्षमता को 14.7 MNTPA का सीमेंट प्लांट बनाया जो 2020 में भी सबसे टॉप सीमेंट मैन्युफैक्चरिंग कंपनी की श्रेणी में आ गया था और 2025 तक अपनी उत्पादन क्षमता में विस्तार करते हुए जे.के. सीमेंट समूह 25 MTPA की उत्पादन क्षमता वाली कंपनी बन गई है। जे.के. सीमेंट वॉल पुट्टी निर्माण के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी वाइट सीमेंट बनाने वाली कंपनी जे.के. सीमेंट समूह है।
डॉ.राघवपत सिंघानिया के नेतृत्व में जे.के. समूह ने फुजेरा और अफ्रीका जैसे देशों में अपना विस्तार कर पूरी दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। डॉ.राघवपत सिंघानिया को उनके कार्य के जुनून के लिए जाना जाता है और वह नई- नई टेक्नोलॉजी के माध्यम से आमजन की आवश्यकताओं की पूर्ति और कमी को दूर करने के लिए जाने जाते हैं। डॉ. राघवपत सिंघानिया के नेतृत्व में जे.के. सीमेंट समूह में नवीनीकरण के कारण काफी नए प्रयोग किए गए हैं। डॉ.राघवपत सिंघानिया इस बात में विश्वास रखते हैं कि अपनी कंपनी को पूरी दुनिया में बहुत मजबूत और लोकप्रिय बनाएं। उनका मानना है कि कंपनी में कार्य करने वाले कंपनी की पूंजी हैं और वही लोग कंपनी का मजबूत बेस बनाते हैं जिससे कंपनी उत्तरोत्तर प्रगति कर सकती है। डॉ.राघवपत सिंघानिया चाहते हैं कि कंपनी निरंतर आगे बढ़े और अपने नीति और सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं करें । डॉ. राघवपत की सोच है कि अपनी राष्ट्रीयता को बढ़ाने के लिए अच्छी शिक्षा और प्रशिक्षण को अति आवश्यक हैं। डॉ. राघवपत सिंघानिया ने एजुकेटिव लीडरशिप प्रोग्राम आईएनएसईएडी फाउंटेन ब्लू से किया और शेफील्ड हल्लम यूनिवर्सिटी यूके से ग्रेजुएशन की हे। डॉ.राघवपत सिंघानिया सीआईआई दिल्ली स्टेट काउंसिल के मेंबर भी रहे हैं। उन्होंने डिपार्टमेंट ऑफ न्यूरोसाइंस स्कूल ऑफ एडवांस मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी ईरान से डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी की उपाधि मिली हुई है। डॉ. राघवपति सिंघानिया एक सच्चे लीडर के रूप में कार्यरत हैं।
इस पूरी विकास यात्रा में जे.के. सीमेंट समूह के सह एम.डी. *माधव कृष्ण सिंघानिया* की भी अपनी अहम भूमिका है और वे अपने बड़े भाई के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस प्रगति में सहयोगी बने हुए हैं। माधवकृष्ण सिंघानिया शिक्षा और प्रशिक्षण से टेक्नोक्रेट है और उन्हें सीमेंट उद्योग के क्षेत्र में संचालन का काफी अच्छा अनुभव है। माधवकृष्ण सिंघानिया के नेतृत्व में जे.के. सीमेंट समूह की मार्केट वैल्यू 1 मिलियन यूएस डॉलर से 3 मिलियन यूएस डॉलर करके उन्होंने अपनी योग्यता साबित की है। माधवकृष्ण सिंघानिया की रूचि टेक्नोलॉजी में है और नित्य नई खोज में विश्वास रखते हैं। वर्ष 2010 में जे.के.सीमेंट समूह का कुल उत्पादन जो 7.5 MTPA था उसको 2020 में 14.7 MTPA तथा 2025 में 25MTPA करके माधव कृष्ण सिंघानिया ने अपनी कार्यकुशलता को दुनिया के सामने साबित किया है। माधव कृष्ण सिंघानिया ने जो उद्योग को आगे बढ़ाने के प्लान से पूरी दुनिया में जे.के. सीमेंट समूह का नाम हो रहा है। माधव कृष्ण सिंघानिया के नेतृत्व में जे.के. सीमेंट समूह पर्यावरण और अन्य क्षेत्र में कार्य करके न सिर्फ अपनी एक नई पहचान बनाई है बल्कि इन्हीं क्षेत्रों में कार्य के चलते उन्हें कई अवॉर्ड भी मिले हैं। जे. के. सीमेंट समूह की अंतरराष्ट्रीय पहचान एवं शाखाओं के विस्तार में इनका बड़ा योगदान रहा है। माधव कृष्ण सिंघानिया एक इंजीनियर है और इन्होंने केरिज मेलन यूनिवर्सिटी यूएसए से इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की है। माधव कृष्ण ने फैमिली बिजनेस मैनेजमेंट का डिप्लोमा लोशन स्विजरलैंड से किया है। माधव कृष्ण सिंघानिया भी सीआईआई दिल्ली और नॉर्थ रीजन काउंसिल के उपाध्यक्ष भी है तथा यंग इंडिया दिल्ली युवा सीआईआई के अध्यक्ष भी हैं। इतना ही नहीं माधव कृष्ण सिंघानिया नेशनल काउंसलिंग ऑफ सीमेंट एंड बिल्डिंग मटेरियल के सदस्य भी रहे हैं। माधव कृष्ण सिंघानिया ने 2018 में इंडियन यूथ डायलॉग में ऑस्ट्रेलिया में भारत का प्रतिनिधित्व किया था और वर्तमान में वह इसके सदस्य भी हैं। माधव कृष्ण सिंघानिया युवा पीढ़ी के ऐसे लीडर हैं जिन्होंने जे.के.सीमेंट समूह को मॉर्डनाइजेशन की ओर ले जाकर उद्योग की उन्नति की जड़ें मजबूत की है और समूह का नाम अपने पूर्वजों की भांति ही रोशन किया है।
जे.के. सीमेंट समूह के दोनों युवा सिंघानिया ब्रदर्स राघवपति सिंघानिया एवं माधव कृष्ण सिंघानिया का सपना है कि भारत में ही नहीं के लिए बल्कि पूरी दुनिया में जे.के. सीमेंट समूह का नाम अग्रणी सीमेंट उद्योग के रूप में लिया जावे।
स्व. श्री यदुपति सिंघानिया के देखे हुए सपने को उनकी पांचवीं पुण्यतिथि पर पूरा करके सिंघानिया ब्रदर्स ने स्व.श्री यदुपति सिंघानिया को ना सिर्फ सच्ची श्रद्धांजलि दी है बल्कि यह भी साबित किया है कि यदि किसी काम को करने का जज्बा हो तो उसे कैसे पूरा किया जाता है यह कोई सिंघानिया ब्रदर्स से सीखे। सिंघानिया ब्रदर की यह उपलब्धि निंबाहेड़ा क्षेत्रवासियों के लिए भी गौरव की बात है क्योंकि जे.के. सीमेंट समूह का सबसे बड़ा प्लांट ओर सबसे पहला (मदर प्लांट)निंबाहेड़ा क्षेत्र में कार्यरत है और जे.के. सीमेंट अपनी सामाजिक सरोकार और क्षेत्र के प्रति समर्पण की भावना के लिए हमेशा जाना जाता रहा है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, विभिन्न सामाजिक संगठनों ,धार्मिक संस्थाओं और मीडिया सहयोगीयो ने इस उपलब्धि पर खुशी प्रकट करते हुए जे.के. सीमेंट समूह के युवा बिजनेस टायकूनस को निरंतर प्रगति की शुभकामनाएं दी है।