नीमच. जनपद पंचायत डुंगलावदा अंतर्गत ग्राम सगराना में शासकीय भूमि के आवंटन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्राम पंचायत की सरपंच रानी बाई ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम विभाग, भोपाल द्वारा की गई भूमि आवंटन प्रक्रिया को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। अभिमत में भी जताई थी आपत्ति ज्ञापन में बताया गया कि विभाग ने ग्राम की शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक 114 (13.180 हेक्टेयर), 118 (14.800 हेक्टेयर) एवं 120/1 (57.480 हेक्टेयर) को आवंटित करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया था। इस पर ग्राम पंचायत से अभिमत मांगा गया था, जिस पर पंचायत ने आपत्ति दर्ज करवाई थी। पंचायत का कहना है कि उक्त भूमि ग्राम के स्वच्छ वातावरण एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए सुरक्षित रखी जानी चाहिए। जमीन पर जनहित की सार्जनिक योजनाऐं प्रस्तावित सरपंच रानी बाई ने ज्ञापन में बताया कि गांव में पशुपालन और चरवाह कार्य के लिए यही एकमात्र भूमि शेष है। साथ ही, वर्तमान में इस भूमि पर मनरेगा योजना के तहत बड़े तालाब का निर्माण कार्य चल रहा है, जिससे क्षेत्र में भूजल स्तर बढ़ाने में मदद मिलेगी। भविष्य में इसी भूमि पर नए विद्यालय भवन, खेल मैदान, वृक्षारोपण एवं चरागाह विकास जैसी सार्वजनिक योजनाएं भी प्रस्तावित हैं। आवंटन की प्रक्रिया के दौरान आपत्ति लेते हुए विरोध दर्ज कराया था गौरतलब है कि ग्राम पंचायत ने पूर्व में भी 23 मार्च 2022 को तहसीलदार को पत्र लिखकर इस भूमि आवंटन का विरोध दर्ज कराया था। इसके बावजूद विभाग द्वारा हाल ही में उक्त भूमि का आवंटन कर दिया गया, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। पंचायत प्रतिनिधियों को भी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम हित में आवंटन निरस्त करने की मांग सरपंच रानी बाई ने कहा कि जब पंचायत से अभिमत मांगा गया और उसमें आपत्ति दर्ज की गई, तो फिर भी भूमि का आवंटन करना जनप्रतिनिधियों के अधिकार और औचित्य पर प्रश्नचिह्न लगाता है। उन्होंने मांग की है कि ग्रामीणों की आपत्ति और हितों को ध्यान में रखते हुए सर्वे क्रमांक 114, 118 और 120/1 की भूमि का आवंटन तत्काल निरस्त किया जाए।