नीमच को जिला बने सत्ताईस वर्ष से अधिक समय हो गया है ! नीमच जिले का दुर्भाग्य है कि जिला चिकित्सालय में जो चिकित्सा सुविधाएं जिला स्तर के चिकित्सालयों में मिलना चाहिये उसका नितांत अभाव है! नीमच जिला चिकित्सालय केवल रेफ़्रल सेंटर बन कर रह गया है ! प्रश्न यह उठता है कि जिला चिकित्सालय में सम्पूर्ण सुविधाएं उपलब्ध नहीं मिल पा रही और इस चिकित्सालय पर रेफ़्रल सेंटर का जो तमंगा लग गया है उसके जिम्मेदार कौन है ? नीमच जिले में तीन विधानसभा क्षेत्र नीमच जावद और मनासा आते है सम्पूर्ण जिले के ग्रामीण और अर्ध शहरी क्षेत्रों के सिंगोली रतनगढ़ डिकेन जावद अठाना रामपुरा कुकड़ेश्वर , मनासा , जीरन चिताखेड़ा इत्यादि इलाकों से शासकीय चिकित्सालयों से मरीज रेफेर होकर नीमच जिला चिकित्सालय में आते है! दुर्भाग्य है कि जिला चिकित्सालय जो की वर्तमान में नीमच मेडिकल कालेज का बेस चिकित्सालय है से मरीजों को चिकित्सा सुविधा के अभाव में निजी चिकित्सालयों या राजस्थान के विभिन्न अस्पतालों में उपचार के लिए भटकना पड़ता हैं ! नीमच जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों की दोहरा दायित्व और ज़िम्मेदारी है कि वे उनकी विधानसभा क्षेत्र के सरकारी चिकित्सालयों को और नीमच स्थिति जिला चिकित्सालय को सक्षम सुविधायुक्त बनाए जिससे मरीजो को सम्पूर्ण लाभ नीमच जिले के शासकीय चिकित्सालयो में ही उपलब्ध हो सके !नीमच जिले के तथाकथित जनप्रतिनिधि जो विकास का ढिंढोरा पीट रहे है की स्वास्थ सुविधाएं उपलब्ध करवाने में नकारा सिद्ध हो चुके है ! इससे बड़ा जिले का दुर्भाग्य क्या होगा कि मेडिकल कालेज प्रारंभ हुए दो वर्ष हो गए है और जिला चिकित्सालय उसका बेस हॉस्पिटल होने के बाद भी मरीज को इलाज नहीं मिल रहा हैऔर रिफर किया जा रहा है ! जिले के जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता और दायित्व निर्वहन की ज़िम्मेदारी नहीं निभाने पर नीमच जिले के समाजसेवी निरंतर क्षेत्र विकास के मुद्दों पर मुखर होकर बात को रखने वाले श्री किशोरजी जेवरिया की सटीक प्रश्न उठाती पोस्ट जो जिले के जनप्रतिनिधियों को कठघरे में खड़ा करत्ती है -अवलोकनार्थ