नीमच। नीमच जिला मुख्यालय से सटी हुई ग्राम पंचायत डूंगलावदा के ग्राम डूंगलावदा में शासकीय जमीनों की बंदरबाट का मामला सामने आया है। पंचायत के कर्ताधर्ताओं ने तत्कालीन समय में शासकीय जमीन पर भूखंड काट दिए और इन्हीं भूखंडों की खरीद—फरोख्त हो रही है। अवैध तरीके से आवंटित पट्टे की भूमि को बेचा जा रहा है। ताजा मामला नीमच निवासी जैनब पति मुर्तजा बोहरा का सामने आया है। शिवलाल पिता कंवरलाल गुर्जर निवासी डूंगलावदा को ग्राम पंचायत द्वारा एसडीएम आफिस से लेआउट स्वीकृत बिना ही शासकीय भूमि पर पट्टा दे दिया। पंचायत के रिकार्ड में इस पट्टे आवंटन की प्रक्रिया नहीं है, पंचायत के रिकार्ड में यह पट्टा अवैध है। एक तरफ पटटा ही अवैध है तो दूसरी तरफ इसकी खरीद—फरोख्त भी सामने आई है। दिनांक 25 जुलाई 2015 को शिवलाल गुर्जर ने जैनब पति मुर्तजा बोहरा निवासी नीमच को 30 बाय 30 के भूखंड की रजिस्ट्री करवा दी। रजिस्ट्री में इस बात का उल्लेख किया गया है कि यह भूमि शासकीय पटटे या भूदान की नहीं है, जबकि शिवम गुर्जर उर्फ शिवलाल गुर्जर को उक्त भूमि पट्टे पर मिली थी, पंचायत इस भूखंड को अवैध ही मानती है, क्योंकि बिना ले आउट स्वीकृत व अन्य प्रक्रियाएं अपनाए बिना ही भूखंड का पट्टा जारी किया गया है। कई फर्जी पट्टे आए सामने— एक ही जगह पर दो—दो पट्टे जारी कर दिए— तत्कालीन सरपंच कलाबाई व पदमसिंह के कार्यकाल में ग्राम पंचायत में पट्टे जारी हुए। इसमें कई फर्जी है तो कुछ वैध है। अवैध की श्रेणी में जैनब की वाला भूखंड भी है, जो शिवलाल गुर्जर को जारी हुआ था। कलेक्टर इस मामले की जांच करें तो करोडों रूपए की जमीन का बंदरबाट सामने आएगा। नई मंडी चंगेरा स्थानांतरित होने के बाद भाव में इजाफा— डूंगलावदा के पास नई कृषि उपज मंडी की स्थापना होने के बाद जमीनों के भाव आसमान छूने लगे। कई भूमाफियाओं की नजर पड गई। जैनब बी फर्जी तरीके से आवंटित भूमि के नामांतरण के प्रयास में जुटी हुई है। यह मामला सुर्खियों में आने के बाद फर्जीवाडे में शामिल भूखंडाधारियों में हडकंप मच गया है। — कई अवैध पट्टे है— — गांव डूंगलावदा में जैनब मुर्तजा बोहरा द्वारा जिस भूखंड पर दावा किया जा रहा है, वह अवैध पट्टे की श्रेणी में आता है। इसलिए नामांतरण नहीं किया जा सकता है। — रेखा विक्रमसिंह, सरपंच ग्राम पंचायत डूंगलावदा।