कोल्ड सिरप मामले के बाद भी नही जागा प्रशासन,बिना लाइसेंस एक्सपायर दवा बेच रहे 'मुन्ना भाई'
31 Oct 2025
Local News
नीमच। बिते पखवाड़े छिंदवाड़ा जिले का एक सनसनीखेज मामला सामने आया था, जहां कोल्ड सिपर पीने से सैकड़ो मासूम बच्चो की जान जोखिम में पड़ गई थी। जिसके बाद पुरे प्रदेश में मेडिकलो और क्लिनिको पर बेची जा रही दवाईयों की जांच के लिए अभियान चलाया गया था। लेकिन विडम्बना है कि नीमच जिले में इस अभियान का असर कही भी देखने को नहीं मिला। जिसके चलते कई मुन्ना भाई बिना लाइसेंस के अब भी धडल्ले से दवाईयां बेच रहे है। सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार एक ऐसा ही मामला सामने आया है। स्कीम नबंर 36 स्थित एक क्लिनिक पिछले कई वर्षो से संचालित हो रही है जिसके पास न तो वैध लाइसेंस है और न ही क्लिनिक संचालित करने की डिग्री। बता दे कि क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट अधिनियम के तहत क्लिनिक संचालन के लिए सबसे पहले पंजीकरण के लिए राज्य सरकार से लाइसेंस और स्थानीय अधिकारियों से स्थापना लाइसेंस लेना होता है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय में आवेदन के साथ, भर्ती का नक्शा, पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड से एनओसी, डॉक्टर की डिग्री और वैध नामांकन, कर्मचारियों की शैक्षणिक योग्यता और नामांकन प्रमाणपत्र जैसे दस्तावेज जमा कर अनिवार्य रूप से लाइसेंस लेना आवश्यक होता है। लेकिन सूत्र बताते है कि स्कीम नम्बर 36 में संचालित एक क्लिनिक संचालन के पास न तो लाइसेंस है और न ही डिग्री। यहां तक की कई मरीजो का कहना है कि यहां डॉक्टर कभी भी दवाईयों के संबंध में बिल नही देते है। वही कुछ मरीजो ने तो यह तक बताया कि इस क्लिनिक पर एक्सपायर दवाए मिलती है। जिसके सेवन ने तबियत और बिगड़ जाती है। बिते दिनों भी एक ऐसा ही मामला सामने आ चुका है। एक मरीज यहां की एक्सपायर दवाईयों का सेवन करने से मौत के मुंह में जाते — जाते बाल—बाल बचा। सूत्र बताते है कि उक्त युवक से क्लिनिक संचालक ने सांठगांठ कर ली और इसी कारण यह मामला बाहर आने के बजाय दब गया।