नीमच जिले के जावद विधानसभा क्षेत्र के गांव मोरवन में  निर्माणधीन 350 करोड़ रूपए टेक्सटाइल फैक्ट्री का किसानों ने 350 करोड़ रुपये की लागत से बन रही ‘सुविधा रेयॉन्स प्राइवेट लिमिटेड’ फैक्ट्री विरोध दिन ब दिन बढ़ता ही जा रहा हैं,किसानों ने इसकी शुरुआत धरना प्रदर्शन से की थी। जो अब धरना प्रदर्शन अब किसान टैक्टर रेली में बदल गया हैं । आज सोमवार सुबह,मोरवन क्षेत्र के सैकड़ों किसान किसान नेता एवम भाजपा पार्टी से निष्काशित नेता पुरण अहीर तो वही कांग्रेस पार्टी से निष्काशित नेता राजकुमार अहीर के नेतृत्व में किसानो ने टैक्टर रेली का आयोजन किया गया हैं,रेयॉन्स प्राइवेट लिमिटेड’ फैक्ट्री के खिलाफ विशाल ट्रैक्टर रैली लेकर निकले इस दौरान किसानों को भरभड़िया फंटे पर रोका गया है, जिसके बाद हाईवे पर जाम जैसी स्थिति बन गई है। रोके जाने से किसान बेहद आक्रोशित हैं और कलेक्टर कार्यालय जाने की मांग कर रहे हैं। हाईवे पर जाम की बात को लेकर किसानों का कहना है कि हम शांतिपूर्ण तरीके से कलेक्टर को ज्ञापन देने जा रहे थे, इसके बाद प्रशासन द्वारा अलग-अलग जगह पर हमें रोका गया है। वही प्रशासन की समझाइश के बाद टेक्टर वाहन रैली को शासन, प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन ने भोलियावास से 1 किलो मीटर दूर रोका वही से पैदल मार्च निकलकर किसान लौग कलेक्टर को ज्ञापन देने पहुंचे हैं। किसानों का कहना है कि यह फैक्ट्री उनके जीवनयापन के साधनों को छीन लेगी। उनका आरोप है कि फैक्ट्री का निर्माण उस भूमि पर हो रहा है, जिसका उपयोग वे पीढ़ियों से खेती, पशुओं की चराई और खेल के मैदान के रूप में करते आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्ट्री के लिए भूमि आवंटन बिना किसी जनसुनवाई या स्थानीय निरीक्षण के कर दिया गया। इसके अलावा, प्रस्तावित फैक्ट्री स्थल के पास ही स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र होने से प्रदूषण और सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं।

जमीन और पानी बचाने की लड़ाई

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों की मुख्य चिंता पानी की उपलब्धता और भूमि के बंजर होने को लेकर है। किसान नेता राजकुमार अहीर ने चेतावनी दी कि फैक्ट्री से क्षेत्र में पानी का गंभीर संकट पैदा हो सकता है।“अगर बांध का आधा पानी फैक्ट्री को दिया गया,तो जावद,मोरवन और आसपास के गांवों में पीने और सिंचाई के लिए पानी की भारी किल्लत हो जाएगी।” — राजकुमार अहीर, किसान नेता

“हमें नौकरी नहीं, अपनी मिट्टी चाहिए”

किसानों ने स्पष्ट किया है कि वे विकास के नाम पर अपनी कृषि भूमि और जल स्रोतों को खोने के लिए तैयार नहीं हैं। जनपद सदस्य पूरणमल अहीर ने किसानों की भावना को व्यक्त करते हुए कहा कि वे नौकरी के बजाय खेती पर निर्भर रहना पसंद करेंगे। कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष मनोहर जाट ने भीलवाड़ा का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां इसी तरह की फैक्ट्रियों ने जमीन को बंजर कर दिया था और नीमच में ऐसी गलती नहीं दोहराई जानी चाहिए। रैली में शामिल ट्रैक्टरों पर “धरती पुत्र किसान, बात तेरी कुण सुनेगा” जैसे गीत बजाए जा रहे हैं, जो उनके संघर्ष को आवाज दे रहे हैं। किसानों ने साफ किया है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो यह आंदोलन और भी बड़ा रूप लेगा। फिलहाल, यह रैली सरवानिया और जावद से होते हुए कलेक्टर कार्यालय की ओर बढ़ रही है।