नीमच। मनासा क्षेत्र में अवैध रूप से कॉलोनी काटने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। एक ओर जहां नगर परिषद ने नामांतरण पर रोक लगा दी है.तो दूसरी ओर अब यह मामला कलेक्टर के समक्ष जा पहुंचा है। मामले में कांग्रेस नेता आर सागर कछावा ने कलेक्टर को शिकायत की है,जिसमें नियम विरुद्ध अवैध कॉलोनी विकसित कर छोटे छोटे भूखंड काटकर बेचने के आरोप लगाए हैं। साथ ही अवैध कॉलोनी काटने वाले काईद बोहरा पर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की । कलेक्टर को जनसुनवाई में की गई शिकायत में श्री कछावा ने बताया कि मनासा नगर के पटवारी हल्का नंबर 33 में काईद जोहर पिता अब्बास बोहरा के नाम भूमि सर्वे न. 382/2 पैकी रकबा 1526, सर्व न.383/2 की रकबा 0.0470 है.सर्वे न.384 रकबा 0.078 है.सर्वे न. 333 रकबा 0.047 और सर्वे न. 435 की रकबा 1.132 है.जमीन दर्ज है और संबंधित सभी सर्वे नंबर की भूमि शासकीय रिकार्ड में कृषि भूमि के रूप में दर्ज है।
लेकिन कृषि भूमि पर टाउन एंड कंट्री,नगर परिषद मनासा और रेरा की अनुमति के बगैर ही काईद बोहरा ने नियमों को ताक पर रुख मनमानी करते हुए छोटे-छोटे भूखंड काटकर बेच दिए। शिकायत में श्री कछावा ने  आरोप लगाया की पटवारी और तहसीलदार ने भी अवैध कॉलोनाइजर से मिलीभगत कर संबंधित जमीन को टुकड़ों का  नामांतरण कर दिया है।
मामला उठने कछावा के बाद भी बेचे जा रहे हैं भूखंड
कछावा ने आरोप लगाया की अवैध कॉलोनी का  मामला  उठने के बाद भी कुछ ही दिनों पहले संबंधित कृषि भूमि पर कईद जोहर ने सत्ता पक्ष से जुड़े कुछ भूमाफियाओं से सांठगांठ कर 15 से 20 भूखंड बेच दिए और ने शिकायत में बताया कि संबंधित भूमियां नगर के रिहायशी इलाकों एवं सड़क से लगी भूमि होने के बावजूद भूमाफिया द्वारा भूमियों को दूर बताकर  रजिस्ट्रियों करवाई जा रही है और स्टाम्प डयूटी की चोरी कर शासन को लाखों रुपए  के राजस्व का नुकसान पहुंचाया जा रहा हैं। श्री कछावा ने आरोप लगाया की नगर में इस तरह का खेल भूमाफिया द्वारा लंबे समय से किया जा रहा हैं। कांग्रेस नेता ने श्री कछावा ने बताया कि इस मामले में एसडीएम को भी शिकायत की गई है,लेकिन अभी तक मामले में कोई  ठोस  कार्रवाई नहीं की गई है,जिसका फायदा भूमाफिया उठा रहे है। और शासन को नुकसान पंहुचने के साथ ही गरीब और भोलेभाले लोगों को अवैध कालोनी में भूखंड बेचकर धोखाधड़ी कर रहे हैं। श्री कछावा ने आरोप लगाया की जिस  कृषि भूमि में भूखंड बेचे गए हैं या बेचे जा रहे हैं। वहा पर गाइडलाइन से कई गुना ज्यादा रेत पर भूखंड बेचे गए हैं,,लेकिन रजिस्ट्रीयां गाइडलाइन से कम की कराई गई ,जिसकी जांच होने से पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी कि कैसे शासन को चूना लगाया जा रहा है। साथ ही लोगों को सुविधा के नाम पर सब्जबाग दिखाकर भूखंड बेच दिए उनकी भी जांच कलेक्टर करें,,