लेकिन कृषि भूमि पर टाउन एंड कंट्री,नगर परिषद मनासा और रेरा की अनुमति के बगैर ही काईद बोहरा ने नियमों को ताक पर रुख मनमानी करते हुए छोटे-छोटे भूखंड काटकर बेच दिए। शिकायत में श्री कछावा ने आरोप लगाया की पटवारी और तहसीलदार ने भी अवैध कॉलोनाइजर से मिलीभगत कर संबंधित जमीन को टुकड़ों का नामांतरण कर दिया है।
मामला उठने कछावा के बाद भी बेचे जा रहे हैं भूखंड
कछावा ने आरोप लगाया की अवैध कॉलोनी का मामला उठने के बाद भी कुछ ही दिनों पहले संबंधित कृषि भूमि पर कईद जोहर ने सत्ता पक्ष से जुड़े कुछ भूमाफियाओं से सांठगांठ कर 15 से 20 भूखंड बेच दिए और ने शिकायत में बताया कि संबंधित भूमियां नगर के रिहायशी इलाकों एवं सड़क से लगी भूमि होने के बावजूद भूमाफिया द्वारा भूमियों को दूर बताकर रजिस्ट्रियों करवाई जा रही है और स्टाम्प डयूटी की चोरी कर शासन को लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान पहुंचाया जा रहा हैं। श्री कछावा ने आरोप लगाया की नगर में इस तरह का खेल भूमाफिया द्वारा लंबे समय से किया जा रहा हैं। कांग्रेस नेता ने श्री कछावा ने बताया कि इस मामले में एसडीएम को भी शिकायत की गई है,लेकिन अभी तक मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है,जिसका फायदा भूमाफिया उठा रहे है। और शासन को नुकसान पंहुचने के साथ ही गरीब और भोलेभाले लोगों को अवैध कालोनी में भूखंड बेचकर धोखाधड़ी कर रहे हैं। श्री कछावा ने आरोप लगाया की जिस कृषि भूमि में भूखंड बेचे गए हैं या बेचे जा रहे हैं। वहा पर गाइडलाइन से कई गुना ज्यादा रेत पर भूखंड बेचे गए हैं,,लेकिन रजिस्ट्रीयां गाइडलाइन से कम की कराई गई ,जिसकी जांच होने से पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी कि कैसे शासन को चूना लगाया जा रहा है। साथ ही लोगों को सुविधा के नाम पर सब्जबाग दिखाकर भूखंड बेच दिए उनकी भी जांच कलेक्टर करें,,