बारां जिले की अंता विधानसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया ने 15 हजार से ज्यादा मतों से जीत हासिल की है। यहां भाजपा प्रत्याशी मोरपाल सुमन को 53868 वोट मिले हैं। जानकारों का कहना है कि अंता चुनाव में भाजपा ने अपने प्रमुख नेताओें को प्रचार के लिए उतारा था। इसमें वसुंधरा राजे और सीएम भजनलाल दोनों के नाम शामिल थे। दोनों ने यहां प्रचार किया था। इसके बाद भी भाजपा को यहां जीत नहीं मिली है। अंता विधानसभा सीट झालावाड़ लोकसभा में आती है जहां से पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के बेटे दुष्यंत सिंह सांसद हैं। इसके बाद भी भाजपा पीछे रही। ये माना जा रहा है कि नरेश मीणा के यहां से उतरने की वजह से चुनाव त्रिकोणीय हो गया। इसका सीधा नुकसान भाजपा को हुआ है। अंता विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया ने जीत दर्ज कर ली। प्रमोद को 69462 वोट मिले। वहीं भाजपा प्रत्याशी मोरपाल सुमन को 53868 वोट मिले। इसके साथ ही निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा को 53740 वोट मिले। परिणाम आते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ पड़ी,जबकि नरेश मीणा मतगणना केंद्र के बाहर कुछ निराश नजर आए। बता दें कि मतगणना के लगभग पूरे समय तीसरे नंबर रहने वाले बीजेपी के मोरपाल सुमन ने अंतिम दौर में 159 वोटों की बढ़त बनाते हुए नरेश मीणा को पीछे छोड़ दिया। इसी के साथ वे दूसरे स्थान पर पहुंच गए। इस तरह से मोरपाल ने तीसरे पायदान पर खिसकने वाली फजीहत से पार्टी को बचा लिया। इस सीट पर उपचुनाव में 15 प्रत्याशी अपनी ताल ठोंक चुके हैं,लेकिन संघर्ष त्रिकोणीय रह है। भाजपा से मोरपाल सुमन,कांग्रेस से प्रमोद जैन भाया और निर्दलीय नरेश मीणा में सीधी टक्कर है। निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा भी पूरे दमखम के साथ मैदान में उतरे थे। नतीजों पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि पार्टी जनता के आदेश को सम्मान देती है। वहीं, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने भाया को जीत की बधाई देते हुए इसे जनता का विश्वास बताया। हार के बाद नरेश मीणा ने कहा कि उन्हें जनता का प्यार और आशीर्वाद मिला,इसके लिए वे सिर झुकाकर धन्यवाद देते हैं। उन्होंने कहा कि 'हमारी लड़ाई भ्रष्टाचार के खिलाफ थी। ईमानदारी हार गई और भ्रष्टाचार जीत गया। ईश्वर हमारी परीक्षा ले रहा है,अब हमें और मजबूती से काम करना होगा।' अंता उपचुनाव मतगणना का पूर्ण विवरण कुल 183099 मतों में कांग्रेस के भाया को 69571 भाजपा के मोरपाल सुमन को 53959, जबकि निर्दलीय नरेश मीणा को 53800 मत मिले। अन्य सभी उम्मीदवार बेहद सीमित मतों पर सिमट गए।