नीमच। जावद विधानसभा क्षेत्र के मोरवन क्षेत्र में 350 करोड़ रूपए की टैक्सटाइल सुविधि रियांस फेक्ट्री
के निर्माण पर रोक लग गई हैं। मामले में जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सोमवार को हाईकोर्ट इंदौर ने स्थगन आदेश जारी कर शासन प्रशासन से 4 सप्ताह में। जवाब मांगा हैं। बता दे की मोरवन बांध क्षेत्र में निर्माणधीन सुविधि रियांस टेक्सटाइल फैक्टी को लेकर जारी विवाद के बीच सोमवार को हाई कोर्ट खंडपीठ इंदौर का महत्पूर्ण निर्णय आया हैं जिसमें हाईकोर्ट ने अरविंद जाट द्वारा दायर की गई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यथास्थित बनाए रखने का आदेश जारी किया । दायर याचिका में अरविंद ने आरोप लगाया था की जिस भूमि पर फेक्ट्री का निर्माण किया जा रहा हैं वह चरनोई चारागाह गोचर भूमि के रूप में दर्ज हैं। याचिका में कहा गया था की इस भूमि को सुविधि रियांस टेक्सटाइल प्राइवेट लिमिटेड भीलवाड़ा को व्यवासाहिक इस्तेमाल के लिए गलत तरीके से आवंटित किया गया हैं। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता जगदीश कुमावत ने कोर्ट में तर्क दिया कि यह भूमि रिकार्ड में गोचर भूमि के रूप में सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश भूमि राजस्व संहिता 1959 के अनुसार,ऐसी भूमि को किसी भी प्रकार के व्यवसायिक प्रोजेक्ट के लिए आवंटित नहीं किया जा सकता। अधिवक्ता कुमावत ने आरोप लगाया कि सरकारी अधिकारियों ने कानून का उल्लंघन करते हुए फैक्ट्री को भूमि सौंपी,जिससे ग्रामीणों के अधिकारों पर्यावरण और जल स्रोतों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
अब कोर्ट के अगले आदेश तक थमा रहेगा फेक्ट्री का निर्माण,मामले को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। न्यायालय ने संबंधितों को 4 सप्ताह के अंदर जवाब देने के आदेश दिए हैं। साथ ही न्यायालय ने एक अहम अंतरिम आदेश पारित करते हुए कहा कि विवादित भूमि पर वर्तमान में जो स्थिति हैं उसे यथास्थिति बनाए रखे । आदेश के मुताबिक फिलहाल फेक्ट्री का निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ाया जा सकेगा । स्थल पर किसी भी प्रकार की गतिविधि में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इस फैसले को ग्रामीणों और आंदोलनरत किसानों की बड़ी जीत मानी जा रही हैं।
दरअसल, इसी डैम से जावद नगरपालिका, सरवानिया और आसपास के 30 से अधिक गांवों को सिंचाई और पेयजल की सुविधा मिलती है।