4 जनवरी रविवार को मंडी व्यापारी संघ के चुनाव,अध्यक्ष पद पर शैलेश गर्ग गोपाल जीजी और राकेश भारद्वाज आमने सामने,अंतिम दौर में उम्मीदवार ने झोंकी ताकत, (GG) हुए रेस में आगे,तो वही भारद्वाज पिछड़ते हुए चुनाव में
03 Jan 2026
Local News
4 जनवरी रविवार को मंडी व्यापारी संघ के चुनाव,अध्यक्ष पद पर शैलेश गोपाल गर्ग जीजी और राकेश भारद्वाज आमने सामने,अंतिम दौर में उम्मीदवार ने झोंकी ताकत, (GG) हुए रेस में आगे,तो वही भारद्वाज पिछड़ते हुए चुनाव में
नीमच। 4 जनवरी रविवार को मंडी व्यापारी संघ के अध्यक्ष कार्यकारिणी के चुनाव होना हैं,प्रत्याशियों ने शनिवार को पूरी ताकत झोंक दी चुनाव जीतने के लिए,अध्यक्ष पद पर दो प्रत्याशियों के बीच का मुकाबला माना जा रहा हैं। जानकारों की माने तो चुनाव में गोपाल गर्ग जीजी रेस में सबसे आगे निकल चुके हैं,तो वही राकेश भारद्वाज चुनाव में पिछड़ते हुए नजर आ रहे हैं,खेर ये तो आने वाली 4 जनवरी को ही पता चलेगा की आखिर बाजी कोन जीतता हैं और कौन हारता हैं,
करीब 20 सालों से व्यापारी संघ अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाए बैठे राकेश भारद्वाज इस बार भी चुनावी मैदान में अपना भाग्य आजमा रहे हैं। तो वही दूसरी ओर पहली बार मंडी व्यापारी संघ के अध्यक्ष का चुनाव लड़ रहे शैलेंद्र गर्ग गोपाल गर्ग जीजी राकेश भारद्वाज को चुनाव में जोरदार टक्कर देते नजर आ रहे हैं। अंतिम दौर में दोनो ही प्रत्याशियों ने पूरी ताकत झोकते हुए मंडी व्यापारीयों से लगातार जन संपर्क कर रहे हैं। मंडी के युवा व्यापारियों का कहना हैं कि उन्होंने जब से व्यापार की समझ विकसित की हैं तब से एक ही पद एक ही चेहरा देखा हैं अब ऐसे में बदलाव समय की मांग हैं ।व्यापारियों का कहना था कि एक लंबे समय बाद चुनाव देखने को मिल रहा हैं। जब नियम के अनुसार हर 3 साल में चुनाव होना चाहिए तो फिर करीब 20 साल बाद चुनाव क्यों हो रहे है। उनका कहना है। की अगर फिर वही व्यवस्था दोहराई गई तो अगली पीढ़ी भी वही दृश्य देखती रह जायेगी,,अब ऐसें में मंडी व्यापारी संघ के चुनाव समय पर चुनाव होते रहे तो युवाओं को भी मौका मिलता रहेगा,,
वही युवा वर्ग का कहना हैं कि परिवर्तन ही विकास की कुंजी हैं उनका कहना हैं कि अगर शैलेंद्र गर्ग गोपाल जीजी अध्यक्ष बनते हैं तो नियमों के अनुरूप नियमित चुनाव होंगे जिससे संघ में पारदर्शिता और विश्वास बना रहेगा कुल मिलाकर मंडी व्यापारी संघ का यह चुनाव अब केवल अध्यक्ष पद की लड़ाई नहीं रह गया हैं यह मुकाबला बन चुका हैं अनुभव बनाम परिवर्तन