जीरन। जीवाजी राव कॉलेज में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब उज्जैन संभाग से आई जांच टीम के सामने ही दो प्रोफेसर आपस में भिड़ गए। जांच के दौरान हुए इस हाई वोल्टेज ड्रामे से कॉलेज का शैक्षणिक माहौल पूरी तरह बिगड़ गया।

जांच के दौरान भड़का विवाद-
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उज्जैन संभाग की जांच टीम कॉलेज में चल रही शिकायतों के संबंध में अन्य प्रोफेसर्स से पूछताछ कर रही थी। इसी दौरान एक प्रोफेसर द्वारा प्रोफेसर दीपा कुमावत के खिलाफ बयान दिए जाने पर वे अचानक आक्रोशित हो गईं।

जांच टीम के सामने ही मारपीट-
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, प्रोफेसर दीपा कुमावत ने अपना आपा खोते हुए साथी प्रोफेसर के साथ हाथापाई शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि उन्होंने बाल खींचे और मारपीट की, वह भी जांच टीम की मौजूदगी में। घटना से कॉलेज परिसर में हड़कंप मच गया।

डर और तनाव का माहौल-
इस घटना के बाद कॉलेज में भय और तनाव का वातावरण बन गया। अन्य प्रोफेसर्स ने दीपा कुमावत पर डराने-धमकाने और मानसिक प्रताड़ना के आरोप भी लगाए हैं। हंगामे के कारण शैक्षणिक कार्य प्रभावित हुआ।

एफआईआर की मांग, थाने पहुँचे प्रोफेसर व छात्र-
घटना के विरोध में कॉलेज के सभी प्रोफेसर्स, छात्र तथा नगर के जनप्रतिनिधि एकजुट हो गए। सभी लोग आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए जीरन थाने पहुँचे। समाचार लिखे जाने तक पुलिस मामले की जांच कर रही थी और संबंधित पक्षों के बयान लिए जा रहे थे।

पहले भी मिल चुकी हैं शिकायतें
सूत्रों के अनुसार,प्राचार्य के कार्यशैली को लेकर पूर्व में भी कुछ मौखिक एवं लिखित शिकायतें की गई थीं, जिनके आधार पर यह जांच प्रस्तावित की गई थी। हालांकि प्राचार्य पक्ष की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस एवं प्रशासनिक जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वस्तुस्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल कॉलेज परिसर में शांति बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।