नीमच। नियमों और प्रतिबंधों का हवाला देकर ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठता का मुखौटा पहने नीमच नगरपालिका के जिम्मेदारों द्वारा अपनी कार्यप्रणाली के विपरीत सरकार को महज गुमराह करने का काम किया जा रहा है, जहां नियमों की धज्जियां उड़ रही है और आदेशों को ठेंगा दिखाया जा रहा है…नपा के अधिपत्य में आने वाली हर एक संपत्ति का नियम विरुद्ध क्रियान्वयन यूं तो कागजों में अवैध माना जाता है, और अवैधानिक गतिविधियों की शिकायतों पर जिम्मेदार कार्यवाही की डींगे भी हांकते है, लेकिन क्या असल में नपा के इन दावों पर अमल हो रहा है…यह एक बड़ा सवाल है, जो हर एक आम शहरी के जहन में है… बात चाहे नपा के अधीनस्थ खेत की जमीन की हो या… बंगला बगीचा एरिया की… हर जगह कहने को नियमों का पुलिंदा जरूर है, लेकिन सांठगांठ के रास्ते इन्हीं नियम कायदों को रौंदने में नपा के जिम्मेदार और भूमाफिया कोई कसर नहीं छोड़ रहे है… ऐसे में सरकारी आदेश हवा में उड़ाए जा रहे है, और नियम विरुद्ध भूमाफियाओं को लाभ पहुंचाने का कृत्य नपा के जिम्मेदार कर रहे है… हालिया मामला नपा के अधीन वाले खेत नं 08 “लक्कड़पीठा बाजार” में देखने को मिल रहा है, जहां लीज की जमीन पर प्रतिबंधों के बावजूद निराधार अनुमति की बिनाह पर अवैध निमार्ण कर दिया गया…चौंकाने वाली बात तो यह है कि सांठगांठ के जरिए मिली एक दुकान बनाने की अनुमति की आड़ में आलीशान मल्टी तान दी गई…!
जानकारी के मुताबिक शहर में सन् 1984के बाद से ही लीज की भूमि पर निमार्ण पर रोक लगाई गई है, ऐसे में पहला सवाल तो यह उठता है, कि आखिर निर्माण अनुमति किस आधार पर दी गई…और यदि एक दुकान की निर्माण की अनुमति मिल भी गई तो आलीशान मल्टी का निर्माण किसकी अनुमति पर हुआ…दोनों ही दशा में यह मामला घालमेल से भरा पड़ा है, जिसकी सुध लेने वाला नपा में कोई जिम्मेदार नहीं है…?
वैसे नीमच नगरपालिका के यह अजब-गजब कारनामे कोई हैरान करने वाले है, यहां एक परिपाटी अवैध निर्माण को लेकर बन चुकी है, जिसका सबसे आसान रास्ता सांठगांठ को होकर जाता है, और यदि आप में सांठगांठ की चालाकियां है, तो फिर सब कुछ सम्भव है, फिर चाहे एक आम शहरी को अपने लीगल कामों के लिए मुसद्दीलाल ही क्यों न बनना पड़े…यहां सबसे पहले ऐसे अवैध कामों को प्राथमिकता दी जाती है…जिनमें भ्रष्टाचार की अपार संभावनाएं हो…!


