नीमच। नीमच। शहर की सबसे प्राचीन, ऐतिहासिक और प्रामाणिक होली कुम्हारा गली-दाना गली चौराहा तथा घंटाघर पर इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च की मध्यरात्रि उपरांत 1:30 बजे किया जाएगा। इसी समय नीमच के लगभग सभी प्रमुख स्थानों पर भी होलिका दहन संपन्न होगा। इसे शास्त्रसम्मत और जनहितकारी मानते हुए यह निर्णय लिया गया है। अंचल में व्रत-त्योहारों के शास्त्रोक्त निर्णय देने वाली कर्मकांडीय विप्र परिषद के अध्यक्ष पंडित राधेश्याम उपाध्याय एवं मंत्री पं. जगदीशप्रसाद शर्मा ने बताया कि इस वर्ष होलिका दहन के मुहूर्त को लेकर मतभिन्नता की स्थिति बनी थी। इसे देखते हुए 22 फरवरी 2026 को शहर के हृदयस्थल घंटाघर के समीप श्री बिचला गोपाल मंदिर में सर्वसमाज की बैठक आयोजित की गई। गहन विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 2 मार्च की मध्यरात्रि 1:30 बजे भद्रपुच्छ में होलिका दहन करना शास्त्रानुसार उचित एवं जनहितकारी रहेगा। उन्होंने बताया कि शास्त्रों में उल्लेख है कि भद्रा काल में श्रावणी (रक्षाबंधन) एवं फाल्गुनी (होलिका दहन) जैसे प्रमुख संस्कार नहीं करने चाहिए। मान्यता है कि भद्रा में होलिका दहन करने से ग्राम में अग्नि, कलह, दुर्घटनाएं, मानसिक तनाव जैसी नकारात्मक स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। जबकि भद्रपुच्छ में किए गए शुभकार्य सिद्धिदायक माने गए हैं। जानकारी के अनुसार 2 मार्च को भद्रा सायं 5:56 बजे से प्रारंभ होकर 3 मार्च प्रातः 5:29 बजे तक रहेगी। भद्रपुच्छ का समय रात्रि 1:26 बजे से 2:30 बजे तक है। इसी अवधि में 1:30 बजे होलिका दहन करना शास्त्रसम्मत और शुभ फलदायी माना गया है। इसी आधार पर नीमच की प्राचीन होली स्थलों-कुम्हारा गली-दाना गली चौराहा एवं घंटाघर – सहित शहर के प्रमुख स्थानों पर 2 मार्च की मध्यरात्रि उपरांत 1:30 बजे होलिका दहन किया जाएगा।