अफीम ग्रेडिंग प्रणाली में किया है सुधार: अंतिम परीक्षण रिपोर्ट ही मान्य, किसान घबराएं नहींमार्फिन के आधार पर होगा भुगतान, किसानों को नुकसान नहीं होने देंगे: सांसदतौल केंद्र की डबल्यूएम श्रेणी पर उठे सवाल; परीक्षण रिपोर्ट में अधिक मार्फिन मिलने पर शेष राशि भी दी जाएगी
12 Apr 2026
Local News
नीमच । सांसद सुधीर गुप्ता ने अफीम उत्पादक किसानों को भरोसा दिलाया है कि नई अफीम परीक्षण प्रणाली में उनका किसी भी कीमत पर नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। अब ग्रेडिंग प्रणाली को सरल बनाते हुए केवल एसडीटी और डबल्यूएम श्रेणी रखी गई है, वहीं अंतिम भुगतान अफीम कारखाना की परीक्षण रिपोर्ट में मार्फिन की मात्रा के आधार पर किया जाएगा। हमारी सरकार ने अफीम उत्पादक किसानों के लिए अफीम परीक्षण प्रणाली में सुधार किया है। अब केवल एसडीटी और डबल्यू एम श्रेणी में रखा जा रहा है। उसमें भी अंतिम ग्रेडिंग अफीम क्षारोद कारखाना की मार्फिन की मात्रा के अधार पर होगी। किसान घबराएं नहीं, उनका नुकसान किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा। यदि तौल केंद्र पर किसान की अफीम डबल्यूएम श्रेणी में ली गई है और परीक्षण रिपोर्ट में मार्फिन की मात्रा 4.2 से अधिक है या 7.2 से अधिक तो उसे मार्फिन की मात्रा के आधार पर बाद में शेष राशि का भी भुगतना कराया जाएगा। यह बात सांसद सुधीर गुप्ता ने शनिवार को किसानों से चर्चा के दौरान कही।
सांसद से मिला प्रतिनिधि मंडल,गांव चलो-घर चलो अभियान के तहत शनिवार की शाम को सांसद सुधीर गुप्ता ग्राम जवासा पहुंचे। जहां किसानों का प्रतिनिधि मंडल सासंद सुधीर गुप्ता से मिला। प्रतिनिधि मंडल में प्यार सिंह चुंडावत आमली खेड़ा, कृषि समिति अध्यक्ष जनपद नीमच प्रहलाद भट्ट, पूर्व सरपंच मुकेश शर्मा सावन, नवल सिंह सुरावत रायसिंहपुरा-सरपंच प्रतिनिधि भादवामाता, पूर्व मंडी डायरेक्टर कैलाश पाटीदार, बद्रीलाल लोहार, सुरेश शर्मा सावन ने केंद्र सरकार द्वारा हजारों किसानों को अफीम लाइसेंस बहाली कराने, अफीम ग्रेडिंग प्रणाली में हालही में किराए गए सुधार के लिए धन्यवाद दिया। इसके बाद व्याप्त समस्याएं बताई। जिस पर सांसद ने कहा कि नई ग्रेडिंग प्रणाली को लेकर भले ही किसानों में असंतोष है, लेकिन सरकार अब भुगतान को सीधे मार्फिन प्रतिशत से जोड़कर पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में कदम उठा रही है।
क्या बोले सांसद,किसानों से चर्चा के दौरान सांसद ने कहा कि यदि तौल केंद्र पर अफीम डबल्यूएम (वॉटर मिक्स) में ली गई है और बाद में परीक्षण में मार्फिन 4.2% या 7.2% से अधिक निकलती है तो किसानों को शेष भुगतान बाद में दिया जाएगा।
किसानों की मुख्य समस्याएं,किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि तौल केंद्रों पर लगभग 50% अफीम को डबल्यूएम श्रेणी में रखा जा रहा है। इससे किसानों को केवल ₹3900 से ₹9000 तक भुगतान मिल रहा है। जबकि वास्तविक मार्फिन मात्रा 5.2% से 7.2% तक निकल रही है। पुराने नियमों के अनुसार 6.5% से अधिक मार्फिन = प्रथम श्रेणी, 7% या अधिक = आई क्लास अफीम मानी जाती रही है। वहीं इस बार तौल केंद्रों पर गलत ग्रेडिंग से किसानों को ₹8-10 हजार तक का नुकसान हो रहा है
क्या बदला है नई प्रणाली में
पहले 1 से 5 तक अलग-अलग ग्रेडिंग (प्रथम, द्वितीय, तृतीय...) और वॉटर मिक्स की 3 अलग श्रेणियां होती थी। इस बार एसटीडी प्रथम, द्वितीय, तृतीय..से पंचम तक और डब्ल्यूएम प्रथम, द्वितीय, तृतीय में अफीम विभाग द्वारा ली गई। अब नया सुधार किया गया है। जिसमें केवल दो श्रेणियां हैं। एक एसटीडी और एक डब्ल्यूएम। सांसद श्री गुप्ता ने किसान प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि आगे इसे भी खत्म कर सीधे मार्फिन आधारित भुगतान की तैयारी की जा रही है।
सांसद का आश्वासन
किसानों को मार्फिन प्रतिशत के आधार पर ही सही भुगतान मिलेगा ग्रेडिंग की खामियों को खत्म करने पर काम जारी
किसानों को घबराने की जरूरत नहीं
लाइसेंस बहाली पर अपडेट
पिछले 10 वर्षों में 27,000+ किसानों के अफीम लाइसेंस बहाल किए गए हैं। आगामी सीजन में लगभग 3,000 और लाइसेंस बहाल करने का लक्ष्य रखा गया है।
आगे की कार्रवाई किसानों की मांग पर सांसद श्री गुप्ता ने जनपद सदस्य प्रहलाद भट्ट को किसानों से चर्चा कर उनकी बिंदुवार की समस्या और अफीम ग्रेडिंग की तथ्यात्मक रिपोर्ट एक आवेदन के साथ बना कर देने के निर्देश दिए। इस मौके पर विनोद पाटीदार, रामप्रसाद सुतार, कारू लाल पंडिया, रामलाल गुर्जर, लाल सिंह रावत, राजाराम राठौर सहित अनेक किसान मौजूद थे।