सुरेश बोहरा
निम्बाहेड़ा/ नगर में इन दिनों हाई टेंशन विद्युत लाइनों के नीचे अनधिकृत निर्माण का खेल जोरों पर है। नियमों को ताक पर रखकर कई जगह पक्के निर्माण किए जा रहे हैं, लेकिन नगर परिषद आंखें मूंदे बैठी है।नियमानुसार हाई टेंशन लाइन के नीचे और उसके आसपास निर्धारित दूरी तक किसी भी प्रकार का निर्माण प्रतिबंधित है। यह न केवल विद्युत सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है, बल्कि कभी भी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है। बरसात के मौसम में करंट फैलने और आगजनी का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।सूत्रों के अनुसार इन अवैध निर्माणों से नगर परिषद को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान भी हो रहा है, क्योंकि बिना नक्शा पास किए, बिना स्वीकृति के ये निर्माण किए जा रहे हैं। इसके बावजूद न तो नगर परिषद द्वारा कोई नोटिस दिया जा रहा है, न ही कोई कार्रवाई की जा रही है। वहीं विद्युत विभाग की चुप्पी भी कई सवाल खड़े कर रही है।गौरतलब है कि  नगर में इसी तरह हाई टेंशन लाईन के नीचे  अवैध रुप से बिना अनुमति किए जा रहे एक  निर्माण पर माननीय न्यायालय ने स्टे दे दिया है। कोर्ट के इस आदेश के बाद नगर के अन्य अवैध निर्माणों पर भी कार्रवाई की उम्मीद जगी है नगरवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे नगर में हाई टेंशन लाइन के नीचे हुए अवैध निर्माणों का सर्वे कराकर उन्हें तुरंत हटाया जाए और भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो, इसके लिए संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए।