निंबाहेड़ा/नगर परिषद निंबाहेड़ा के
45 वार्डों में 11 सितंबर को होने वाले मतदान से पहले भाजपा और कांग्रेस का प्रचार अपने चरम पर पहुंच चुका है। भारतीय जनता पार्टी की ओर से क्षेत्रीय विधायक श्रीचंद कृपलानी ने पूरे चुनाव की कमान अपने हाथ में ले ली है तो वहीं कांग्रेस की ओर से पूर्व विधायक उदयलाल आंजना ने बागडोर अपने हाथ में लेते हुए चुनावी रणभेरी बजा दी है। दोनों ही पार्टियों के दिग्गज नेता नगर परिषद में अपनी सरकार बनाने के लिए रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं और उसके लिए हर तरह की रणनीति तैयार करने में लगे हैं। निंबाहेड़ा नगर के 58681 मतदाता जिसमे 29386 पुरुष मतदाता एवं 29262 महिला मतदाताओं के साथ तीन थर्ड जेंडर मतदाता 45 वार्ड के उम्मीदवारों का भाग्य का निर्धारण करेंगे। पिछली बार हुए चुनाव में नगर पालिका पर कांग्रेस ने कब्जा करते हुए 15 साल के बाद अपना बोर्ड बनाया था तो वहीं अब भारतीय जनता पार्टी अपनी पिछली हार का बदला लेने के लिए पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतरी है। दोनों ही पार्टियों ने कुछ वार्डों में विरोधी उम्मीदवारों के अपेक्षाकृत कमजोर प्रत्याशी उतारे हैं जिनसे कुछ वार्डों में एक तरफा मुकाबले है तो कुछ वार्डों में कांटे की टक्कर है। कुछ जगहों पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने दोनों पार्टियों के समीकरण बिगाड़ रखे हैं तो दोनों पार्टियों में कार सेवा (भीतरघात) का भी डर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। टिकट बंटवारे के बाद यह चीज सामान्य होती है लेकिन इस बार दोनों ही दलों के कुछ चेहरों को टिकट नहीं मिलने से यह डर और मजबूत होता दिखाई दे रहा है। चुनाव का परिणाम चाहे जो भी हो लेकिन इस बार के चुनाव में दोनों पार्टियों ने जेन जी युवा चेहरों के साथ-साथ नए चेहरों को मौका देकर यह संदेश देने का प्रयास किया है कि राजनीति में युवाओं का भविष्य भी अब मायने रखता है और इसी सोच के तहत दोनों ही पार्टियों ने इस चुनाव में नए और युवा चेहरों पर दावा लगाए हैं। मतदान में अभी 5 दिन और बाकी हैं और इन पांच दिनों में कई तरह के चुनाव की समीकरण बनेंगे और बिगड़ेंगे लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि मतदाता के दिल में क्या है और वह किसके साथ अपना सूर और ताल मिलना चाहता है। चुनाव के इस पूरे अभियान पर हमारी पैनी नजर है और आने वाले दिनों में होने वाले हर छोटे - बड़े बदलाव से क्या समीकरण बनते और बिगड़ते हैं इससे समय-समय पर सभी को अवगत कराने का प्रयास किया जाएगा।