मंदसौर। सागर जिले में जहरीली शराब से हुई मौतों ने एक बार फिर मध्यप्रदेश की आबकारी व्यवस्था और शराब माफिया पर सरकार की पकड़ पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सागर में अब तक 11 मौतों की पुष्टि की खबरें सामने आई हैं और बड़ी संख्या में लोग अस्पताल में भर्ती हैं। सरकार ने आबकारी अधिकारियों पर कार्रवाई भी की है। मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी रहे श्यामलाल जोकचंद ने उपमुख्यमंत्री एवं आबकारी मंत्री जगदीश देवड़ा के बयान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “मौतें हो जाने के बाद दोषियों को नहीं बख्शने का बयान देना आसान है, लेकिन सवाल यह है कि जहरीली शराब लोगों तक पहुंची ही कैसे? आबकारी विभाग आखिर कर क्या रहा था?” जोकचंद ने कहा कि मंत्री जी को बयानबाजी करने के बजाय पहले अपने विभाग की जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। हर बार जहरीली शराब कांड के बाद संवेदना, जांच और कड़ी कार्रवाई का बयान सामने आता है, लेकिन कुछ समय बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है।
उन्होंने कहा— “मंत्री जी, जनता अब आपके बयान नहीं सुनना चाहती। जनता पूछ रही है—जिम्मेदारी आपकी है तो जवाबदेही किसकी है? अगर आपके विभाग की निगरानी में जहरीली शराब लोगों की जान ले रही है तो क्या आप इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हैं? अगर नहीं लेते तो फिर इस्तीफा क्यों नहीं देते?” जोकचंद ने आरोप लगाया कि प्रदेश में शराब के अवैध कारोबार को लेकर लगातार गंभीर सवाल उठते रहे हैं और जनता के बीच यह धारणा मजबूत होती जा रही है कि शराब माफिया बेखौफ हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मंचों पर प्रभावशाली लोगों और संदिग्ध आपराधिक छवि वाले व्यक्तियों के साथ नेताओं की तस्वीरें और मौजूदगी भी सवाल खड़े करती हैं। “अगर मंत्री का किसी अपराधी से संबंध नहीं है तो वे स्वयं स्पष्ट करें कि ऐसे लोगों के साथ उनका सार्वजनिक मेल-जोल क्यों दिखाई देता है और क्या सरकार ऐसे लोगों पर निष्पक्ष कार्रवाई करेगी?” जोकचंद ने 25 जुलाई 2021 के मल्हारगढ़ जहरीली शराब कांड को याद दिलाते हुए कहा कि करीब 14 गरीब परिवारों के चिराग बुझ गए थे। उस समय भी बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन आज तक पीड़ित परिवार न्याय और घोषित सहायता के लिए भटक रहे हैं।
उन्होंने कहा— “मल्हारगढ़ के पीड़ितों को न्याय नहीं मिला। अब सागर में भी गरीबों की जान चली गई। आखिर कितने परिवार उजड़ने के बाद सरकार जागेगी? क्या सरकार की संवेदना भी मृतकों की संख्या देखकर जागती है?” जोकचंद ने मुख्यमंत्री से मांग की कि सागर कांड की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, शराब के पूरे नेटवर्क और उसके संरक्षणकर्ताओं को बेनकाब किया जाए तथा आबकारी मंत्री की भूमिका और विभागीय जवाबदेही की भी जांच हो।
उन्होंने कहा—
“जगदीश देवड़ा जी, यदि आप अपने विभाग में जहरीली शराब की सप्लाई रोकने में विफल रहे हैं तो नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दीजिए। कुर्सी से चिपके रहकर संवेदना व्यक्त करना आसान है, लेकिन जनता के प्रति जवाबदेही निभाना असली परीक्षा है। अब सवाल साफ है—देवड़ा जी, क्या आप इस्तीफा देंगे?”