
नगर पालिका में पाइप खरीदी में हुए घोटाले में न्यायालय में आरोपी सिद्ध होने के बाद नपा के 2 कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। वही अन्य 8 आरोपियों को शुक्रवार को सक्षम न्यायालय से 10-10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। सभी को जेल भेज दिया गया है। बता दें कि प्रकरण वर्ष 2009 का है, जिसमें 13 आरोपी बनाए गए थे जिसमें से कुछ की मृत्यु हो गई है कुछ रिटायर हो गए हैं और कुछ सेवारत थे।

गौरतलब है कि वर्ष 2009 में नीमच शहर में पेयजल संकट के मद्देनजर जगह-जगह नलकूप खनन करवाए जा रहे थे लेकिन नलकूप खनन में लगाए जाने वाले पाइप में ही जिम्मेदारों ने घोटाला कर दिया। इस मामले में भाजपा नेता गुरमीत सिंह वाधवा की शिकायत पर पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद कैंट थाने पर धारा 420, 467,468, 120 बी तथा भ्रष्टाचार अधिनियम 1988 की धारा 18(11)-1/2 के तहत प्रकरण दर्ज किया था। जांच के बाद कोर्ट में चालान पेश किया गया था। लंबे चले इस प्रकरण में तत्कालीन अपर कलेक्टर और वर्तमान आगर कलेक्टर कैलाश वानखेड़े, तत्कालीन एडिशनल एसपी विनीत जैन, तत्कालीन सी एसपी श्याम सिंह मरावी सहित 40 से अधिक गवाहों के साक्ष्य कराए गए।

प्रकरण सुनवाई के बाद विद्वान अपर सत्र न्यायाधीश सोनल चौरसिया ने आरोपी तत्कालीन सीएमओ कैलाश सिंह गहलोत, उपयंत्री राकेश शाक्यवार, सहायक यंत्री वीरपाल सिंह भदोरिया, कार्यपालन यंत्री ए एन वर्मा, लिपिक रफीक पठान, विजय सिंह जैन,अरविंद व्यास लेखा अधिकारी दिनेश मित्तल, प्रभारी लेखा सुरेश सेन, ऑडिटर कमलेश मीणा, मांगीलाल सोलंकी ए के खंडेलवाल और ठेकेदार राकेश जैन को दोषी माना और फैसले को सुरक्षित रखते हुए सुनवाई की तारीख 12 मई शुक्रवार दी गई। हालांकि उक्त प्रकरण में पांच से छह आरोपियों की मौत हो चुकी है जबकि दो से तीन रिटायर्ड हो चुके हैं। आज शुक्रवार को बचे हुए 8 आरोपियों को अपर सत्र न्यायाधीश सोनल चौरसिया ने सजा सुनाते हुए 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास के अतिरिक्त ठेकेदार राकेश जैन को 24 हजार का जुर्माना व शेष 7 आरोपियों को 34 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया है। न्यायालय से सजा सुनाने के बाद राकेश जैन ठेकेदार और नगर पालिका के कर्मचारी विष्णुलाल भदौरिया, कमलेश मीणा, मांगीलाल सोलंकी, सुरेश सेन,अरविंद व्यास, रफीक पठान, विजय सिंह जैन को जेल भेजा गया है। उक्त प्रकरण में जिला लोक अभियोजन चंचल बाहेती और इमरान खान ने शासन की ओर से पैरवी की थी।