निम्बाहेड़ा, । गणेशोत्सव के अंतिम दिन दो दुखद घटनाओं में 2 युवाओं की आकस्मिक मृत्यु के कारण क्षेत्र में शोक का वातावरण है। जहां एक और भाजपा एवं नगर परिषद बोर्ड के पदाधिकारी, पार्षद सहित बोर्ड को चलाने का दंभ भरने वाले कर्ताधर्ता भाजपा नेता अपनी जीत का जश्न मनाने एवं स्वागत करवाने में व्यस्त थे तो वहीं दूसरी ओर नगर परिषद प्रशासन की शिथिलता एवं अव्यवस्थाओं के कारण दो युवा अलग-अलग दुर्घटनाओं में काल के ग्रास में समा गए जिससे क्षेत्र में दुःख एवं रोष का वातावरण है। नगर कांग्रेस अध्यक्ष बंशीलाल राईवाल ने कहां की भाजपा द्वारा निम्बाहेड़ा नगर परिषद में बोर्ड गठित करने के बाद गणेशोत्सव उनकी पहली परीक्षा थी जिसमें नवनिर्वाचित सभापति, उपसभापति सहित सभी भाजपा पार्षद एवं बोर्ड को चलाने का दंभ भरने वाले भाजपा नेता अपनी जीत का जश्न मनाने में इतना व्यस्त हो गए कि उन्हें गणेशोत्सव के पश्चात मूर्ति विसर्जन हेतु व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का ध्यान ही नहीं आया। नगर परिषद द्वारा की गई व्यवस्थाओं के प्रति श्रद्धालुओं एवं जनता में भारी रोष व्याप्त है। जनता यही सवाल कर रही है कि नवनिर्वाचित बोर्ड अपनी जीत की खुशी में क्या जनता को ही भूल गया है कि उन्हें व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का ध्यान ही नहीं आया। यह भी देखा गया है कि पूरे गणेशोत्सव के दौरान क्षेत्र के कई पंडालों के आसपास कचरा एवं गंदगी भी जमा थी जो उत्सव की पवित्रता को खराब कर रहे थे लेकिन जीत जश्न में डूबे नगर परिषद के कर्ताधर्ता इस उत्सव की पवित्रता बनाए रखने को लेकर बिल्कुल भी सक्रिय नहीं थे।पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सुभाषचंद्र शारदा ने कहा कि वर्षों से निम्बाहेड़ा नगर पालिका जो अब नगर परिषद बन चुकी है द्वारा उपखंड प्रशासन को साथ लेकर गणेश प्रतिमा विसर्जन की तैयारी अपने स्तर पर की जाती रही है परंतु भाजपा का गैर अनुभवी नवनिर्वाचित बोर्ड जनता के प्रति अपने कर्तव्यों को समझ ही नहीं पाया। अव्यवस्थाओं का आलम यह था कि गणेश प्रतिमा विसर्जन से एक दिन पूर्व शाम तक भी नगर परिषद प्रशासन द्वारा मूर्ति विसर्जन हेतु कोई उपयुक्त स्थान ही चिन्हित नहीं किया गया जिससे श्रद्धालु भ्रम की स्थिति में रहे और तीन दुर्घटनाएं घटित हो गई जिसमें दो में युवाओं की मृत्यु हो गई एवं तीसरी दुर्घटना में भी पीड़ित महिला को मौके पर मौजूद श्रद्धालु सुनील आंजना नामक व्यक्ति द्वारा बचाया गया। नगर परिषद के सभापति, उपसभापति एवं प्रशासन अपना स्वागत करवाने में इतने व्यस्त हो गए कि वह अपनी प्रथम परीक्षा में ही पूरी तरीके से फेल हो गए।  नगर कांग्रेस संगठन महासचिव रविप्रकाश सोनी ने कहा कि पूर्व में नगर पालिका एवं प्रशासन द्वारा मूर्ति विसर्जन हेतु उपयुक्त स्थान समय रहते ही चिन्हित कर लिए जाते थे एवं ऐसे स्थान पर सुरक्षाकर्मियों सहित लाइफ़ जैकेट एवं टायर ट्यूब की व्यवस्था कर गोताखोरों की तैनाती भी की जाती थी ताकि कोई दुर्घटना होने पर पीड़ित को तुरंत सहायता उपलब्ध करवाई जा सके परंतु इस साल वर्षा कम होने के पश्चात भी नगर परिषद प्रशासन द्वारा प्रतिमा विसर्जन हेतु उपयुक्त स्थान चिह्नित कर सार्वजनिक नहीं किए गए जिससे श्रद्धालु विसर्जन के दिन अलग-अलग स्थान पर मूर्ति विसर्जन के लिए घूमते रहे और अंबामाता के पीछे स्थित खदान एवं सिद्धि विनायक कॉलोनी के पास स्थित जल भराव के स्थान पर मूर्ति विसर्जन के दौरान दो युवा श्रद्धालुओं का दुखद देहांत हो गया जो नगर परिषद प्रशासन की अव्यवस्थाओं को स्पष्ट इंगित करता है। जबकि राज्य सरकार द्वारा सिविल डिफेंस योजना के तहत कई गोताखोरो को चिन्हित कर उन्हें मानदेय भी दिया जाता है फिर भी यह लापरवाही समझ से परे हैं। कांग्रेस पार्षदों राहत बी, छगनलाल रेगर, अहमद नूर, सलमा बेगम मेव, गीता वैष्णव, हीना अली, मामूर मेव, मोहम्मद कुरैशी, जकी अहमद, चांदीबाई पहाड़िया, विपुल कुमावत, मुन्नीदेवी तेली, लालीबाई मीणा, निर्मला मेघवाल, दिलीप भाम्बी ने एक स्वर में नवनिर्वाचित भाजपा बोर्ड पर सवाल उठाते हुए रोष जताया की बोर्ड गठन होने के 11 दिन, निर्विरोध सभापति निर्वाचन के 7 दिन एवं उपसभापति निर्वाचन के 3 दिन बाद भी भाजपा नेताओं एवं नगर परिषद बनाने एवं अपने इशारे पर चलाने का दंभ भरने वाले नेताओं को अनंत चतुर्दशी पर की जाने वाली व्यवस्थाओं का ध्यान नहीं आया क्योंकि यह सभी तो जगह-जगह स्वागत करवा सोशल मीडिया रील बनाने एवं आगामी दशहरा मेले में कैसे जनता के धन को लूटा जाए उसकी तैयारी करने में लगे हुए थे। नगर परिषद की अव्यवस्थाओं के कारण श्रद्धालुओं को अपने आराध्य गणपति जी की प्रतिमाओं विसर्जन ऐसी जगहों पर भी करना पड़ा जहां पास ही में गंदे नाले उस जल स्त्रोत में गिरते है, जिससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुंची है। कांग्रेस पार्षद दल ने एक स्वर में जिला प्रशासन से मांग की है कि उक्त अव्यवस्थाओं में नगर परिषद एवं प्रशासन से जुड़े हुए जिन भी जिम्मेदार नेताओं एवं अधिकारियों की लापरवाही रही है उनके विरुद्ध कार्यवाही की जाए ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही ना हो और किसी भी परिवार को अपने परिजन ऐसी दुर्घटनाओं में ना खोने पड़े।