मंदसौर। मंदसौर में दीपावली 2026 के दौरान आतिशबाजी बेचने के लिए लाइसेंस लेना होगा। अपर जिला मजिस्ट्रेट एकता जायसवाल ने बताया कि इच्छुक आवेदक 21 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए 500 रुपए का ऑनलाइन चालान जमा कर एमपी ई-सर्विस पोर्टल के जरिए प्रक्रिया पूरी करनी होगी।  जिले में मंदसौर ग्रामीण,सीतामऊ,गरोठ और मल्हारगढ़ के एसडीएम लाइसेंस जारी करेंगे। पात्र आवेदकों को 27 अक्टूबर से 10 नवंबर तक 15 दिन के लिए आतिशबाजी बिक्री का लाइसेंस दिया जाएगा।
तय जगह पर ही लगेंगी पटाखा दुकानें
पटाखों की दुकानें प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थानों पर ही लगाई जा सकेंगी। शहरी आबादी वाले क्षेत्रों में पटाखों की बिक्री और भंडारण पर रोक रहेगी। मनमानी जगह पर दुकान लगाने पर लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। चाइनीज और प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री भी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
 
नाबालिगों को पटाखे बेचने पर रोक
विक्रय स्थल पर पटाखों का प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा। नाबालिग बच्चों को आतिशबाजी बेचने पर भी रोक रहेगी। बिना लाइसेंस के ठेले,वाहन या हाट-बाजार में पटाखों की बिक्री नहीं की जा सकेगी। थोक विक्रेता केवल लाइसेंस देखकर ही फुटकर विक्रेताओं को आतिशबाजी बेच सकेंगे। निर्धारित मात्रा से अधिक पटाखों का क्रय-विक्रय नहीं किया जा सकेगा। चाइनीज,प्रतिबंधित और विदेश निर्मित आतिशबाजी की बिक्री, खरीद और उपयोग पर भी रोक रहेगी।

नई अस्थाई अनुज्ञप्ति के आवेदन स्वीकार नहीं होंगे

प्रशासन के निर्देशों के अनुसार इस वर्ष आतिशबाजी के भंडारण और विक्रय के लिए नई अस्थाई अनुज्ञप्ति स्वीकृत नहीं की जाएगी। हालांकि,पूर्व निर्धारित पात्रता और प्रक्रिया के तहत फुटकर व्यवसाय के लिए ऑनलाइन आवेदन 21 अक्टूबर तक किए जा सकेंगे।

24 घंटे फायर ब्रिगेड और मेडिकल व्यवस्था

दीपावली के दौरान पटाखा विक्रय केंद्रों और प्रमुख स्थानों पर फायर फाइटर उपकरण और पानी के टैंकर 24 घंटे तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में जरूरत के अनुसार मेडिकल स्टाफ, एंबुलेंस और जरूरी दवाइयां उपलब्ध रहेंगी। जिला अस्पताल में भी आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

बिजली विभाग को आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और स्टाफ रखने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की तैनाती रहेगी। विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के लिए तहसील कार्यालय और नगरीय निकायों में 24 घंटे संचालित कंट्रोल रूम भी बनाए जाएंगे।