मनासा । मनासा पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ठ पंजाबी समाज के लोगों ने देर रात थाने का घेराव किया । घेराव के दौरान बडी संख्या में पंजाबी समाज के लोग थाने पहुंचे, जिन्होंने भीलवाडा की महिला द्वारा समाज के कैलाश दुआ के उपर लगाए गए बलात्कार के आरोपों को गलत बताया। पंजाबी समाज के लोगों ने मीडिया को दिए गए बयान में बताया कि मनासा पुलिस ने मामले में एक पक्षीय कार्रवाई करते हुए कैलाश दुआ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।समाजजनों ने बताया कि पुलिस ने कैलाश दुआ को जब गुरुवार को ही गिरफ्तार कर लिया था तो पीडित महिला का गुरुवार को ही मेडिकल क्यूं नहीं करवाया गया। पुलिस ने महिला के न्यायालय में बयान होने के बाद क्यूं मेडिकल करवाया। समाजजनों ने बताया कि उक्त महिला का एक गिरोह है जो भीलवाडा से मनासा कपडे खरीदने आता है जिसके साथ दो महिलाएं और रहती हैं। इस पूरे गिरोह ने मिलकर मनासा के व्यापारी से पैसे एठनी के चक्कर में सारा खेल रचा। लेकिन महिलाएं इस खेल में कामयाब नहीं हो पाई तो उन्होंने व्यापारी के खिलाफ झूठी कार्रवाई करवा दी। यदि  महिला के साथ बलात्कार होता तो वो चिल्लाती, चिलाने  की आवाज आसपास वाले दूकानदारों एवं बाजार से निकलने वाले राहगीरों को सुनाई देती। लेकिन ऐसा कुछ हुआ ही नहीं है। इन महिलाओं द्वारा हनीट्रेप जैसा पूरा खेल रचा गया। महिला के साथ में आया व्यक्ति गुरुवार को बता रहा था कि में वकील हूं लेकिन आज उसने कहा कि मैं वकील नहीं हूं, । जब हमने मामले में उक्त व्यक्ति की भीलवाडा में पहचान करवाई तो, पता चला कि जो  व्यक्ति महिला के साथ वकील बनकर आया था वो एक के नंबर का बदमाश एवं आवारा प्रवृत्ति का व्यक्ति हैं।  समाजजनों ने मांग की है कि पुलिस महिला के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज करें, साथ ही पुलिस ने महिला  मेडिकल करवाए बिना ही कैलाश दुआ के प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की है उसकी निष्पक्ष जांच की जाए।