जीरन तहसील के गांव उगरान में धनगर के युवा अर्जुन धनगर ने बहुत ही सराहनीय और मानवतापूर्ण कदम धनगर परिवार ने उठाया है। भीषण गर्मी में पशु-पक्षियों को पानी की कमी न हो, इसके लिए उन्होंने अपने निजी कुएं का पानी तालाब में छोड़ने का फैसला लिया है। श्रीं धनगर ने बताया कि हमारे गांव के पास एक बड़ा तालाब है जो बारिश के दिनों में फुल भर जाता है। जो लगभग आठ महीने तक पानी पानी भरा रहता है। लेकिन गर्मी के दिनों में इस तालाब में पानी खाली होने को आता है। पास में एक सरकारी ट्यूबवेल है जो बाहर महिने चलती है। जिसका पानी भी इस तालाब में आता है। लेकिन गर्मी बढ़ने के साथ गांव में पेयजल व्यवस्था न बिगडे इसलिए सबसे पहले गांव में ज़रूरत के हिसाब से ही इस ट्युबेल को गर्मी के दिनों में चलाते हैं। इस समस्या को देखते हुए धनगर परिवार ने पिछले दस सालों से इस तालाब का पानी खाली नहीं होने दिया है। ओर आज भी जारी है और हमेशा रहेगा। अर्जुन धनगर उगरान ने बताया कि गर्मी के दिनों पानी कि व्यवस्था करना कठिन होता है लेकिन हमारे पास हमारी आवश्यकता के अलावा जो पानी बचता है उसे हम तालाब में छोड रहे हैं। क्यों कि पशु पक्षियों के लिए पानी कि व्यवस्था बहुत जरूरी है गर्मी के दिनों में इसलिए हर साल छोटा सा प्रयास करता है धनगर परिवार।। पानी बचाओ, पानी व्यर्थ न बहाए, जल ही जीवन है। पानी अनमोल है इसका मुल्य समझे और जरूरत अनुसार तालाब व पानी कि टंकी में छोड़ा जाना चाहिए, बल्कि यह हमारे समाज के लिए भी एक अच्छा उदाहरण प्रस्तुत करता है। यह दर्शाता है कि हम अपने आसपास के जीव-जन्तुओं के प्रति कितने संवेदनशील हो सकते हैं और उनकी जरूरतों का ध्यान रख सकते हैं। धनगर परिवार के इस कार्य की सराहना करना आवश्यक है और हमें भी ऐसे कार्यों से प्रेरणा लेनी चाहिए। हम भी अपने स्तर पर पशु-पक्षियों की मदद करने के लिए छोटे-छोटे कदम उठा सकते हैं और अपने समाज को अधिक संवेदनशील और सहायक बना सकते हैं।