निंबाहेड़ा क्षेत्र के निकटवर्ती गांव मांगरोल निवासी प्रेमचंद की पिछले माह संदिग्ध अवस्था में हुई मृत्यु के मामले में आरोपी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने को लेकर निंबाहेड़ा क्षेत्र के गायरी समाज द्वारा सैकड़ो की संख्या में एकत्रित होकर नेहरू पार्क से पुलिस प्रशासन वह राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उपखंड कार्यालय तक जुलूस निकाला एवं धरना दिया साथ ही मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी विकास पंचोली को ज्ञापन सौंपा । धरने में पूर्व सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना भी पहुंचे उन्होंने कहा कि वर्तमान में कानून व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है आए दिन हत्याएं हो रही है पुलिस द्वारा हत्या के आरोपियों को बचाया जा रहा है।  पुलिस प्रशासन द्वारा सरकार के दबाव में कार्य किया जा रहा है। एक निर्दोष की हत्या के मामले में गायरी समाज द्वारा आरोपी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की जा रही है लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है पुलिस तो एनडीपीएस के मुकदमो के जरिए पैसा वसूलने में लगी हुई है। जुलूस में गायरी समाज के सैकड़ो की संख्या में महिला एवं पुरुष हाथों में प्रशासन होश में आओ प्रेमचंद को न्याय दो न्याय दो स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर शामिल थे जिन्होंने पुलिस प्रशासन हाय हाय भजनलाल सरकार हाय हाय पर्ची सरकार हाय हाय के नारे लगाते हुए उपखंड कार्यालय पहुंचकर धरना दिया। उन्होंने मंडी चौराहा पर प्रेमचंद के हत्यारे व पुलिस का पुतला भी जलाया। गायरी समाज द्वारा मुख्यमंत्री को दिए ज्ञापन में बताया कि दिनांक 09/06 2025 को शाम को लगभग 4.00 बजे गायरी समाज के प्रेमचंद पिता वरदीचंद जाति गायरी निवासी मांगरोल तहसील निम्बाहेडा जिला चितौडगढ को अभियुक्त गणपत लाल पिता गोपाल लाल जाति जाट निवासी लक्ष्मीपुरा पुलिस थाना सदर निम्बाहेडा जबरन अपने साथ ले गया तथा दिनांक 10/06/2025 को प्रेमचंद गायरी के साथ अभियुक्त गणपत द्वारा गम्भीर मारपीट की जिससे प्रेमचंद के शरीर पर तथा अण्डकोष में एवं शरीर में अन्य जगहों पर चोटें आई जिससे उनकी मृत्यु हो गई। जिस पर प्रेमचंद जी के लड़के सत्यनारायण द्वारा एक रिर्पोट पुलिस थाना सदर निम्बाहेडा में दिनांक 11/06/2025 को दर्ज कराई जिसके एफ.आई.आर. नं. 187/2025 पुलिस थाना सदर निम्बाहेडा हैं जो धारा 103 (1), 140 (3), 127 (2) बी.एन.एस. में दर्ज होकर पुलिस थाना सदर निम्बाहेडा जांच कर रही है। अभियुक्त गणपत उंची राजनीतिक पहुंच वाला होकर रसूखदार व्यक्ति हैं जिस कारण पुलिस थाना सदर निम्बाहेडा उसे हर सम्भव बचाने का प्रयास कर रही है तथा पुलिस अभियुक्त गणपत से मिल कर झूठी टेक्टर से निचे आने से आत्महत्या करने से मृत्यु होने की कहानी रच कर अभियुक्त को अनुचित लाभ पहुंचाने का प्रयास कर अभियुक्त को बचाने का हर सम्भव प्रयास कर रही है जब कि प्रेमचंद जी की अभियुक्त गणपत द्वारा गम्भीर मारपीट करने से मृत्यु हुई है परन्तु पुलिस थाना सदर निम्बाहेडा सी.आई. संजय शर्मा द्वारा फर्जी एवं मनगढन्त कहानी रची जाकर पुरे मामले में परिवर्तन करने का प्रयास किया जा रहा है जिससे हत्या जैसे मामलों में बढ़ौतरी होगी तथा अपराधियों में कानून का डर भी खत्म हो जायेगा तथा पुलिस थाना सदर निम्बाहेडा द्वारा फर्जी गवाह बना कर भी मुल्जिमान को अनुचित लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है इस कारण उक्त प्रकरण की जांच पुलिस थाना सदर निम्बाहेडा से अन्य उच्च अधिकारी से करवाया जाना आवश्यक है या प्रकरण की जांच सी.आई.डी. सी.बी. या एस.ओ.जी. से करवाई जाना आवश्यक है। प्रेमचंद उनके परिवार में कमाने वाला एक मात्र व्यक्ति था तथा उनके बच्चे बच्ची तथा पत्नि एवं बूढ़ी मां का एक मात्र सहारा थे जिससे परिवार पर आर्थिक बोझ के चलते परिवार की आर्थिक स्थिति बिगडी गई है जिस कारण प्रेमचंद जी के परिवार को सरकारी आर्थिक सहायता तथा उनके लड़के को सरकारी नौकरी दिलाई जावे तथा मामले में दोषी अभियुक्त एवं जांच अधिकारी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई कराई जावे।