नीमच। केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्योरो के इंस्पेक्टर महेन्द्रसिंह चौधरी को सीबीआई ने गिरफ्तार किया है। पिछले 4 दिनों से महेन्द्रसिंह रिमांड पर है। सीबीआई पूछताछ में महेन्द्रसिंह की 50 करोड़ से अधिक बेनामी संपत्ति उजागर हुई है, साथ ही अब दलालो पर सीबीआई नजरे जमाए हुए है। बता दे कि बिते दिनों 1 करोड से अधिक रूपयो रिश्वत लेने के मामले में सीबीएन के इंस्पेक्टर महेन्द्रसिंह चौधरी को सीबीआई ने गिरफ्तार किया है और लगातार पूछताछ में महेन्द्रसिंह की अवैध संपत्ति के राज उजागर हो रहे है।
इसी बीच पिपलियामंडी के हितेश का कनेक्शन भी सामने आया है। हितेश एलआईसी ऐजेंट बनकर तस्करो से गठजोड़ रखता था, जिसकी भी बारिकी से जांच हो तो चौकाने वाले मामले उजागर होने की संभावनाए है।
गौरतलब है कि सीबीएन इंस्पेक्टर महेन्द्रसिंह चौधरी द्वारा पिछले कई सालो से गरीब किसानो को झुठे मुकदमो फंसाने और तोड़बट्टा के नाम पर करोड़ो रूपयो की रिश्वत लेने की चर्चा आम है। जिसकी शिकायत मिलने पर बिते दिनों सीबीआई ने महेन्द्रसिंह की अवैध गतिविधियों ध्यान में रखते हुए उस पर शिकंजा कसा है। न्यायालय से रिमांड मिलने पर सीबीआई महेन्द्रसिंह से कड़ी पूछताछ कर रही है। पूछताछ में अब तक महेन्द्रसिंह ने कितनी रिश्वत ली और कितनी अवैध संपत्ती जुटाई यह मामला भी उजागर हुआ है। बता दे कि महेन्द्रसिंह चौधरी सीबीएन में इंस्पेक्टर के पद पर पदस्थ रहकर अपने कई दलालो के माध्यम से अवैध गतिविधियों में लिप्त रहा है। डोडाचूरा, अफीम के मामलो में तस्करो से सांठगांठ और गरीब किसानो पर झूठे मामले दर्ज करने की बात भी सामने आई है।
हितेश और अन्य साथियो पर शिकंजा
सीबीआई ने इंस्पेक्टर महेन्द्रसिंह को गिरफ्तार करने के बाद कई दलालो की सूची भी तैयार कि है। जिसमें हितेश सहित अन्य लोगो के नाम उजागर होने की संभावनाए है। चर्चा यह भी है कि हितेश खुद को एलआईसी ऐजेंट बताकर महेन्द्रसिंह से ताल्लुक रखने की बात को एक सिरे से नकार रहा है। हालांकि चर्चा आम है कि हितेश भी आरोपी महेन्द्रसिंह के संपर्क में रहकर अवैध गतिविधियों में लिप्त था