जावद मंडी में ऊंटी लहसन बीज की बिक्री टेक्स देने की बात पर विवाद,sdm की दो टूक व्यापार करने पर देना होगा मंडी शुल्क,अन्यथा लगेगा 5 गुना जुर्माना
24 Jul 2025
NEEMUCH NEWS
जावद। जावद कृषि उपज मंडी में बुधवार को ऊंटी लहसन बीज की बिक्री को लेकर विवाद हो गया। ऊंटी से लहसन बीज लाकर बेचने वाले व्यापारियों ने मंडी शुल्क देने से मना कर दिया। व्यापारियों का तर्क था कि जहां से वे बीज खरीदकर लाए हैं,वहां टैक्स चुका चुके हैं। हालांकि मौके पर पहुंची एसडीएम प्रीति संघवी ने व्यापारियों और मंडी प्रशासन की बात सुनने के बाद व्यापारियों को स्पष्ट कर दिया कि व्यापार करना हैं तो मंडी शुल्क देना ही होगा,अन्यथा 5 गुना जुर्माना लगेगा। बता दें कि कृषि उपज मंडी जावद परिसर में हर साल ऊटी के लहसन बीज बेचने के लिए स्थानीय सहित बाहर के व्यापारी अपनी में दुकानें सजाते हैं, जिनसे बीज क खरीदने के लिए नीमच सहित पड़ोस के जिलों से किसान बीज खरीदने आते हैं। ऊटी लहसन के - बीज की बिक्री से व्यापारी को तो लाभ मिलता है, पर मंडी के हाथ खाली रहते हैं, जिसे देखते हुए इस बार मंडी प्रशासन ने मंडी परिसर में व्यापार करने पर मंडी अधिनियम ने के तहत व्यापारियों को मंडी शुल्क जमा कराने के लिए निर्देशित किया है,जिससे नाराज व्यापारियों ने बुधवार को जावद मंडी कार्यालय के बाहर हंगामा खड़ा कर दिया। हंगामे की सूचना मिलने पर एसडीएम प्रीति संघवी नाहर,तहसीलदार नवीन गर्ग,थानाधिकारी जितेंद्र वर्मा, मंडी सचिव जगदीश भाभर और पटवारी कमल खेमवानी मौके पर पहुंचे, इस दौरान एसडीएम ने व्यापारियों से चर्चा की,उसके बाद मंडी प्रशासन का पक्ष सुना और व्यापारियों को स्पष्ट कर दिया कि कृषि उपज मंडी अधिनियम के अनुसार मंडी परिसर में व्यापार करने पर मंडी शुल्क देना अनिवार्य है। एसडीएम प्रीति संघवी ने कहा कि लहसन बीज विक्रेता किसान नहीं व्यापारी हैं। इसलिए उन्हें टैक्स देना होगा। टैक्स न देने पर 5 गुना पेनल्टी वसूली जाएगी।
पहले मंडी के बाहर लगाते थे दुकान-ऊटी लहसन का बीज बेचने वाले व्यापारी,पहले मंडी परिसर के बाहर नीमच रोड पर दुकान लगाते थे, जिसके कारण यातायात प्रभावित होता था और दुर्घटना का खतरा बना रहता था। इस बार प्रशासन ने 90 से अधिक व्यापारियों को दुकानें लगाने जगह मंडी परिसर में जगह आवंटित की हैं। अधिकारियों से चर्चा के बाद अधिकांश बीज विक्रेता टैक्स भरने को राजी हो गए हैं और टैक्स जमा करना शुरू कर दिया था। मंडी प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अब बिना टैक्स चुकाए ऊंटी लहसन बीज की बिक्री नहीं हो सकेगी।