जीरन। जीरन को धार्मिक नगरी के साथ साथ देश की रक्षा करने वाले सैनिक नगरी के नाम से भी जाना जाता हैं जहां से सैकड़ो सैनिक तैयार होकर देश की सेवा में लगे हुए हैं वह कई सैनिक अपनी कर्तव्यनिष्ठ नौकरी कर ससम्मान वापस जीरन में आकर कहीं अच्छे कार्य कर रहे हैं जीरन नगर से प्रतिवर्षानुसार युवा प्रगति पाठशाला व जन कल्याण फाउंडेशन जीरन सैनिक पाठशाला की ओर से फौजी भाइयों को रक्षा सूत्र और स्नेह संदेश भेजे गए जिसमें बॉर्डर पर तैनात फौजी भाई रक्षा सूत्र और स्नेह संदेश पाकर बहुत खुश हुए व बॉर्डर तैनात सभी साथियों ने मिलकर सैनिक अनिल कुमार विश्नोई को आज जीरन की सभी छात्राओं के लिए उपहार और प्यार भरा संदेश सभी बच्चों के साथ अपने विचार व्यक्त किए और विश्वास दिलाया कि हम आपकी रक्षा के लिए हमेशा तैयार हैं भारत माता की जय, वंदेमातरम् ,जय जवान जय किसान जयकारो के साथ अपनी खुशियां जाहिर की संस्था के अध्यक्ष द्वार उनका आभार व्यक्त किया गया और आगे भी इसी प्रकार के प्रेरणादायक के कार्यों के लिए प्रतिबद्धता जाहिर की संस्था द्वारा।समय-समय पर जनकल्याण व युवाओं की प्रगति के लिए कार्य करती रहती जो सभी युवाओं के लिए एक प्रेरणा का स्रोत है संस्था के उपध्याक्ष रवि कुमार पंड्या ने बताया की जीरन को सैनिक नगरी कहा जाता है सैनिकों के सम्मान में उनकी भावनाओं को देखते हुए यह स्नेह संदेश, रक्षाबंधन को उत्सव के तौर पर मनाया जाता है और आगे भी ऐसे प्रयास जारी रहेंगे|