नीमच। भारतीय जनता पार्टी की जिला कार्यकारिणी में जगह नहीं मिलने से राजपूत समाज नाराज हो गया है।मंगलवार को राजपूत स्वाभिमान मंच ने प्रेसवार्ता कर भाजपा पर जैन,बनिया पार्टी बनने का आरोप लगाया है। बता दें कि सोमवार को भाजपा जिलाध्यक्ष वंदना खंडेलवाल ने भाजपा की नई जिला कार्यकारिणी घोषित की थी,जिसमें राजपूत समाज को प्रतिनिधित्व नहीं मिलने से राजपूत समाज नाराज हो गया हैं। मामले में बुधवार को शहर के शोरूम चौराहा के पास एक निजी रेस्टारेंट में राजपूत स्वाभिमान के गजेंद्रसिंह बावल,गिरीराजसिंह रूपपुरा व हिम्मतसिंह भाटी के संयुक्त रूप से प्रेसवार्ता कर आरोप लगाया कि भाजपा अब जैन और बनियों की पार्टी बन गई है। उन्होंने बताया कि जिले राजपूत समाज के करीब 180 गांव हैं। जहां लगभग 80 हजार राजपूत मतदाता निवासरत हैं,फिर भी जिला कार्यकारिणी में राजपूत समाज के एक भी सदस्य को पदाधिकारी नही बनाया गया। तीनों ने कहा कि जिले में राजपूत समाज लंबे समय से भाजपा के साथ है,जिसका बड़ा उदाहरण नीमच जिले के तीनों विधायक है,जिन्हे राजपूत समाज के 90 फीसदी वोट मिल रहे हैंजो उनकी जीत में महत्पूर्ण योगदान साबित हो रहा हैं,लेकिन कई वर्षों से ग्राम स्तर से लेकर सांसद तक के चुनावों में राजपूत समाज को उपेक्षा की जा रही हैं,समाज ने चेतावनी दी है की अगर यह स्थिति नही सुधरी तो वे सामूहिक रूप से पार्टी को प्राथमिक सदस्यता छोड़ देंगे,मीडिया के सवालों के जवाब में राजपूत स्वाभिमान मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि जिले में विधायक दिलीप सिंह परिहार तो बतौर जनप्रतिनिधि है,लेकिन एक मात्र नीमच मंडल अध्यक्ष मोहनसिंह राणावत को छोड़ दे तो मनासा ,जावद,और जिला कार्यकारिणी में तो राजपूतों की उपेक्षा की गई हैं,उन्होंने आरोप लगाया की निकाय चुनाव में भी जिले में राजपूत नेताओं को दरकिनार किया गया हैं,प्रेसवार्ता में राजपूत स्वाभिमान मंच ने जिले में राजपूत समाज के लिए धर्मशाला और छात्रावास का मुद्दा भी उठाया और कहा कि नगरपालिका नीमच की पूर्व परिषद में राजपूत समाज सहित 35 अन्य समाजों को 5/5 हजार वर्गफुट भूमि आवंटित करने का प्रस्ताव पारित किया गया था,वह कहां गुम हो गया हैं उन्होंने कहा कि राजपूत समाज तो अपने लिए निजी भूमि खरीद सकता हैं,लेकिन आखिर भाजपा के वादों क्या हुआ,,,