नीमच। उज्जैन संभाग के सात जिलों से जब्त किए गए  200 केस लगभग 15 टन अवैध मादक पदार्थों  डोडाचूरा, अफीम, गांजा, स्मैक,एमडी और चरस को नष्ट करने की कार्रवाई नीमच जिले के अल्ट्राट्रेक सीमेंट प्लांट खोर के बॉयलर में किया जा रहा हैं। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इस खेप की कीमत 8 करोड़ रुपये आंकी गई है.यह कार्रवाई गृह मंत्रालय द्वारा चलाए जा रहे ''ड्रग डिस्ट्रक्शन 26/09/2025'' अभियान के तहत की गई.कार्रवाई के दौरान उज्जैन जोन के दो पुलिस महानिरीक्षक (डीआईजी) और चार जिलों के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सहित भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा. अधिकारियों की कड़ी निगरानी में यह सुनिश्चित किया गया कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ संपन्न हो.नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, शाजापुर, देवास और आगर-मालवा जिलों की पुलिस द्वारा पिछले कुछ समय में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ की गई कार्रवाइयों के दौरान जब्त किए गए डोडाचूरा और अन्य नशीले पदार्थों को शामिल किया गया था.अधिकारियों ने बताया कि समय-समय पर पुलिस नशा तस्करी के खिलाफ अभियान चलाती है.अभियान के दौरान ड्रग्स की खेप बरामद होती है. जब्त किए गए मादक पदार्थों जमीन में प्रक्रिया के तहत दफनाया जाता है.विनष्टीकरण की कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में संपन्न कराई जाती है। रतलाम रेंज के डीआईजी निमिष अग्रवाल ने इसे नशा तस्करों पर एक बड़ा प्रहार बताया और कहा कि यह कार्रवाई शाम तक जारी रहेगी। इस दौरान पुलिस अधिकारी कर्मचारी इस पूरे काम में लगे रहे।
नीमच,मंदसौर,रतलाम,जिले में बड़ी मात्रा में अफीम की खेती होती है। इसके चलते यहां से अवैध डोडाचूरा की सप्लाई भी होती है, जिसे जांच के दौरान पुलिस जब्त करती है। जब तक इसका मामला कोर्ट में चलता है,ये अवैध मादक पदार्थ मालखाने में जमा रहता है। इसके बाद इन्हें नीमच लाया जाता है। जहां तय प्रविधानों के तहत नीमच में ही नष्ट किया जाता है।