नीमच। शहर के बंगला बगीचा क्षेत्र में अवैध निर्माण का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आया है, और इस बार तेजी से गर्मा रहा यह मामला चर्चाओं में इसलिए है, की नगरपालिका के जिम्मेदारों ने शासन द्वारा प्रतिबंधित आदेश के बावजूद अपनी मौन सहमति निर्माणकर्ताओं को दे दी है...? विगत कुछ दिनों से अलग-अलग इलाकों में नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए, निर्माणकर्ताओं ने अपने रसूख के दम पर स्थानीय नपा प्रशासन को भी घुटने टेकने पर मजबूर करते हुए, प्रतिबंधित बंगला एरिया में निर्माण खड़े कर दिए है, शहर का महाराणा बंगला हो या कमल चौक स्थित पंजाब नेशनल बैंक के ऊपर का हिस्सा यहां निर्माण कार्य जिम्मेदारों कि छाती पर पांव रखकर किया जा रहा है, ऐसे में इसकी सुध कौन ले, यह बड़ा सवाल है, साथ ही चिंता का विषय भी है कि क्या नीमच नगरपालिका लावारिस हो चुकी है, जिसके अंतर्गत आने वाले बंगला बंगीचा क्षेत्र में प्रतिबंध के बावजूद निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है...?शहर के कमल चौक स्थित "इमदाद अली"होंडा" शोरूम के संचालक ने कमल चौक स्थित पीएनबी के ऊपर अवैध निर्माण खड़ा किया है, यह इलाका शहर के सबसे व्यस्ततम इलाकों में मना जाता है, जो साबित कर रहा है, की धनबल के दम पर सरकारी नियमों को भी किस तरह रौंदा जा सकता है, बतादे की "इमदाद अली होंडा" वाले का अवैध निर्माण संबधी मामला पूर्व में भी सामने आया था, तब भी नपा की उदासीनता देखने को मिली और अवैध निर्माण के खिलाफ कार्यवाही के बजाय लीपापोती की गई...ऐसे में उक्त निर्माणकर्ता के हौसलों का उदाहरण है कि आज उसने एक बार फिर अवैध-वैध की परिभाषा को बदलते हुए, बंगला एरिया में निर्माण तान दिया है....वहीं इसके अतिरिक्त शहर के रोड़वेज बस स्टेंड क्षेत्र स्थित महाराणा बंगला में "भाऊ" के अवैध निर्माण पर भी गौर किया जाए तो यहां भी "अंधेरी नगरी चौपट राजा" वाली कहावत याद आती है, अवैध निर्माण होते हुए भी यहां रसूखदार भाऊ ने अपना मंसूबा लगभग पूरा कर लिया है, और देखने वाला कोई नहीं...कहने को नगरपालिका के जिम्मेदार कार्यवाही का दावा तो करते है, लेकिन जमीनी हकीकत सांठगांठ के दम पर दब जाती है, और शहर में अवैध कार्यकलापों की मौन सहमति जारी कर दी जाती है...?