खेतपालियां के दुखी किसान ने 3 बीघा सोयाबीन की फसल में लगाई आग,सोयाबीन की ओसत कम बैठने पर
28 Sep 2025
NEEMUCH NEWS
नीमच। जिले में पीला मौजक और अन्य वायरस की वजह से फसले खराब हो रही हैं। वहीं मनासा तहसील के अंतर्गत आने वाले गांव खेतपालियां के एक किसान अमर सिंह रावत ने बारिश से हुई सोयाबीन की फसल को जैसे तैसे करके मजदूरों से सोयाबीन की फसल को कटवाया जब सोयाबीन की फसल को निकालने की बारी आई तो थ्रेसर मशीन खेत पर ले गया। करीब आधे घंटे मशीन चली,मात्र 10 किलो सोयाबीन निकली इस पर मायूस होकर किसान अमर सिंह रावत ने लगभग तीन बीघा की पूरी फसल को आग के हवाले कर दिया। वहीं किसान द्वारा मांग की गई है कि सरकार जल्द से जल्द मुआवजा और बीमा राशि किसानो को दे। क्योंकि ये बर्बाद हुए किसानों का हक़ है।
किसान अमर रावत के अनुसार, 3 बीघा भूमि पर सोयाबीन बोई गई थी। 1500 रुपए प्रति बीघा सोयाबीन काटने की दर के हिसाब से कुल 4500 हजार रुपए देने पड़े। एक बीघा में 20 किलो सोयाबीन बीज की ओसत से बोवनी की थी। इसके अलावा निंदई, दवाई आदि पर अन्य व्यय किया।
किसानों ने बोवनी समेत चीजों पर खर्च किए थे हजारों की राशि,गौरतलब है सोयाबीन फसल की बोवनी सहित अन्य संसाधनों पर प्रत्येक किसान ने हजारों रुपए की राशि खर्च की थी, लेकिन मौसम ने किसानों की मेहनत पर पूरी तरह पानी फेर दिया. नतीजा यह है कि सोयाबीन फसल में फली नहीं बैठ पाने के कारण किसानों को अपने खेतों को खाली करना पड़ रहा है.
सोयाबीन फसल में लगातार उठाना पड़ रहा नुकसान
उल्लेखनीय है कि क्षेत्र में मौसम की मार के कारण एक बार फिर सोयाबीन की फसल बर्बाद हो चुकी है. बीते 5 वर्षों से भी अधिक समय से क्षेत्र के किसानों को सोयाबीन की फसल में लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है
रबी फसल के लिए खेतों को खाली कर रहे किसान
किसान ने बताया कि पहले ही उनके द्वारा सोयाबीन फसल की तैयारी एवं उसकी बोवनी में हजारों रुपए की राशि खर्च की थी, लेकिन नतीजा शून्य रहा. अब नए सिरे से रबी फसल की तैयारी के लिए उन्हें फिर से राशि जुटानी होगी. किसानों ने सरकार और बीमा कंपनी पर झूठी तसल्ली का आरोप लगाया है.