नीमच। नीमच शहर में पिछले कुछ दिनों से शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने हेतु नगरपालिका के राजस्व अधिकारी संजय पाटीदार के नेतृत्व में अतिक्रमण हटाओ दल अपनी कार्यवाही को अंजाम दे रहा है जिसमें यातायात पुलिस का भी सराहनीय योगदान दिखाई दे रहा है। प्रशासन द्वारा चलित कार्यवाही में हालॉकि यदा कदा व्यवधान उत्पन्न करने के दृश्य भी कार्यवाही के दौरान आसानी से दिखाई देते है जहां छुटपुट नोंकझोंक के बाद नपा की कार्यवाही अपने स्तर पर चलाई जा रही है। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों 6 नवम्बर 2025 को राजस्व अधिकारी एवं सीएमओ दुर्गा बामनिया तथा पूर्व यातायात प्रभारी निरीक्षक अमित सारस्वत ने अमले के साथ मिलकर शहर के टैगोर मार्ग से लेकर फ्रुट मण्डी फव्वारा चौक तथा यहां से पुनः टैगोर मार्ग के दुसरे छोर विजय टॉकिज तक बिना किसी भेदभाव के कार्यवाही को अंजाम दिया था। इस दौरान लम्बे समय से शहर के फ्रुट मण्डी चौराहे पर ट्रेफिक सिग्नल के बन्द रहने का बेजा फायदा उठाते हुए कुछ फ्रुट विक्रेताओं ने अपने ठेले खड़े कर सड़कों तक फैलाव कर लिया था। जिन्हें बीच बीच में कई बार समझाइश भी दी गई थी बावजूद इसके देखने में आ रहा था कि उक्त ठेले सड़को तक पहुंच गए जिन्हें पिछली कार्यवाही में अमले ने सख्ती से हटाया था।तथा वहां पर तार फेंसिंग कर दी गई थी। लेकिन इस बीच पुलिस कप्तान अंकित जायसवाल द्वारा यातायात प्रभारी बदलने के आदेश के तहत निरीक्षक अमित सारस्वत के स्थान पर महिला उप निरीक्षक सोनू बडगुर्जर को पुनः यातायात महकमे की कमान सौंपी गई । यह जानकारी मिलते ही पूर्व में सिग्नल के नीचे से हटाये गये फ्रुट के कुछ ठेले वालों ने यथास्थान पर अपने ठेले खड़े कर दिये। यहीं नहीं जिस उद्वेश्य से यहां से ठेलों को हटाया गया था प्रशाासन की उस कार्यवाही को चुनौती देते हुए यहां की गई तार फेसिंग को भी अज्ञात लोगों ने काट दिया गया। जहां पुनः तार फेंसिंग की गई है । गौरतलब है कि यहां यातायात व्यवस्था को कन्ट्रोल करने के लिये पुलिस चौकी बनाने की दिशा में कार्यवाही चल रही है। जिम्मेदार यातायात पुलिस क्यों नहीं उठाती कदम! जिला मुख्यालय के फ्रुट मार्केट चौराहे पर लाखों रूपये खर्च कर लगभग 10 साल पहले ट्रेफिक सिग्नल लगाया गया था जब तक सिग्नल नया नया था काफी अच्छा कार्य भी करता रहा। लेकिन नियमित मेन्टनेन्स नहीं होने की वजह से पहली बार जब खराब हुआ तो इसे दुरस्त करवा दिया गया। लेकिन कुछ दिन चलने के बाद फिर से बन्द हो गया। वही हालत यह बन गये कि फ्रुट मार्केट क्षेत्र में जहां ट्रेफिक सिग्नल लगा है वह पुलिस के जवान की तैनाती नहीं होने से यहां यातायात व्यवस्था खराब होती चली गई। बता दें कि जिस उद्वेश्य से यहां ट्रेफिक सिग्नल लगाया गया था वो यहां पूरा नहीं हो सका, अलबत्ता जब से सिग्नल आखरी बार बन्द हुआ तब से अभी तक शो पीस बना हुआ है । इंदौर के टेक्निशियन के भरोसे सिग्नल,नीमच मे लगा एक मात्र ट्रेफिक सिग्नल जब भी खराब होता है तो उसे ठीक करने के लिये पूर्व में इंदौर से टेक्निशियन को बुलाया जाता रहा। मजे की बात तो यह है कि टेक्निशियन के पास इतना समय नहीं होता कि वह कुछ नाम मात्र की दानकी के लिये वह अपने आवश्यक कार्य छोड़कर इंदौर से नीमच 270 किलोमीटर दुर दौड़ा चला आयेंगा। ऐसे ही कुछ जानकारों के मुताबिक बताया जाता है कि सालों से बन्द पड़े सिग्नल को ठीक करने के लिये नगरपालिका इंजिनियर ने इंदौर के टेक्निशियन से काफी समय पहले संपर्क किया था। लेकिन उसने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि काफी काम है उसे छोड़कर नहीं आ सकता। जबकि नगरपालिका की समस्त जिम्मेदारी है ट्रेफिक सिग्नल के रख-रखाव की। इनका कहना फ्रूट मंडी चौराहे पर सड़क किनारे से ठेले वाले कुछ लोगों को सख्ती से हटाया गया था यदि उन्होंने सुबह फिर से कब्जा करने की कोशिश की है तो अब सख्त कार्यवाही होगी तथा नपा ने जो तार फेंसिंग की थी वह किसने हटाई है इसे भी में दिखावती हूं दुर्गा बामनिया सीएमओ नपा नीमच इनका कहना ट्रैफिक सिग्नल करीब साल भर से बंद है पुनः चालू करने के लिए इंदौर से एक्सपर्ट को बुलाने संपर्क किया गया था किंतु नपा की सेंशन दर पर वो मंजूर नहीं है उसको इंदौर से नीमच आकर काम करना महंगा पड़ता है शायद इसलिए उसने आने से मना कर दिया। अरविंद सिंह उपयंत्री नपा नीमच