नीमच। कृषि उपज मंडी व्यापारी संघ चुनाव के लिए अध्यक्ष पद के लिए सीधा मुकाबला है,वहीं कार्यकारिणी के लिए 23 उम्मीदवार मैदान में है। सभी ने जीत के लिए प्रयास शुरू कर दिए है। लोगों की निगाहें इन दिनों अध्यक्ष पद के मुख्य मुकाबले पर टिकी हुई है। राकेश भारद्वाज अफसर और गोपाल गर्ग (जीजी) अपनी-अपनी जीत की जुगत में लग गए हैं। इसके लिए व्यापारियों की मनुहार होने लगी है...कृषि मंडी व्यापारी संघ के चुनाव में इस बार सियासी सरगमी तेज है। करीब 20 वर्षों बाद पहली बार मंडी में अध्यक्ष पद के लिए सीधा मुकाबला देखने को मिल रहा है। बीते दो दशकों से निर्विरोध निर्वाचित होते आ रहे राकेश भारद्वाज (अफसर) के सामने इस बार शहर के चर्चित व्यापारी गोपाल गर्ग उर्फ शैलेश (जीजी) ने ताल ठोक दी है।राकेश भारद्वाज भारतीय जनता पार्टी से जुड़े माने जाते हैं और अपने लंबे कार्यकाल,प्रशासनिक समझ व व्यापक संपकों के दम पर एक बार फिर अध्यक्ष पद की दौड़ में हैं। तो वही दूसरी तरफ इस बार के चुनाव में एक साफ स्वच्छ छवि व्यापारी का अनुभव रखने वाले व्यापारिक जगत में एक प्रभावी और वजनदार अपने पक्ष में मानते हुए परिवर्तन की बयार के साथ मैदान में उतरे शैलेंद्र गर्ग उर्फ गोपाल गर्ग (जीजी) व्यापारिक जगत में एक प्रभावी और वजनदार नाम हैं। वे एंटी-इनकंबेंसी को अपने पक्ष में मानते हुए परिवर्तन की बयार के साथ मैदान में उतरे है। समर्थकों का कहना है कि लंबे समय से एक ही नेतृत्व के कारण व्यापारियों में बदलाव की इच्छा है, जिसका लाभ जीजी को मिल सकता है। यह है हार और जीत का रहस्य..! माना जा रहा है कि यदि भारद्वाज को हार का सामना करना पड़ता है तो इसके पीछे पुत्र से जुड़े विवादों और सत्ता विरोधी माहौल भूमिका हो सकती है। वहीं, उनक जीत का आधार बीस वर्षों में बना गए व्यक्तिगत संपर्क,राजनीति पकड़ और व्यापारियों के हित किए गए कार्य बताए जा रहे हैं। इधर जीजी की जीत का कारण भी उनक प्रभावशाली व्यक्तित्व और व्यक्तिग संपर्क माने जा रहे हैं ,4 जनवरी की निगाहें पर टिकी हैं,जब यह तय होगा कि व्यापारी संघम चुनाव में ऊंट किस करवट बैठता है