नीमच। शहर के अग्रोहा भवन में शनिवार को मानव सेवा का अद्भुत उदाहरण देखने को मिला। अग्रवाल विकास समिति और भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय नि:शुल्क कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण शिविर की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। शिविर के पहले ही दिन 300 से अधिक दिव्यांगजनों को कृत्रिम पैर, ट्रायसिकल, हियरिंग एड, स्मार्ट स्टिक और वॉकर जैसे उपकरण प्रदान किए गए। शिविर में कई भावुक क्षण भी देखने को मिले। वर्षों से बैसाखियों के सहारे चल रहे कई दिव्यांग कृत्रिम पैर लगने के बाद अपने पैरों पर खड़े हुए तो परिजनों की आंखें भी नम हो गईं। किसी के कानों में मशीन लगते ही अपनों की आवाज सुनाई दी तो किसी को ट्रायसिकल मिलने पर जीवन में नई उम्मीद मिल गई।
मौके पर ही तैयार हो रहे जयपुर फुट
जयपुर से आई विशेषज्ञों की टीम ने अग्रोहा भवन को अस्थायी हाईटेक वर्कशॉप में बदल दिया है। दिव्यांगों का नाप लेते ही मौके पर सांचा तैयार कर करीब आधे घंटे में कृत्रिम पैर बनाकर पहनाया जा रहा है। हल्के और लचीले ‘जयपुर फुट’ की मदद से लाभार्थी आसानी से चल-फिर सकते हैं।
दर्द से आजादी की कहानी
एक बुजुर्ग लाभार्थी ने बताया कि दो साल पहले हुए हादसे में उनका पैर कट गया था और तब से वे दूसरों पर निर्भर हो गए थे। कृत्रिम पैर मिलने के बाद उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब वे फिर से अपने पैरों पर खड़े होकर अपना काम कर सकेंगे।
ट्रायसिकल से मिली नई उड़ान
एक दिव्यांग युवक को ट्रायसिकल मिलने पर खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उसने कहा कि अब वह आसानी से मोहल्ले में आ-जा सकेगा और छोटी-मोटी दुकान चलाकर आत्मनिर्भर बन सकेगा।
दूर-दराज से आए लोगों के लिए विशेष व्यवस्था
शिविर में दूर-दराज के गांवों से आने वाले दिव्यांगजनों के लिए नि:शुल्क भोजन और ठहरने की व्यवस्था की गई है। अग्रवाल समाज के डॉक्टर, इंजीनियर और सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी स्वयंसेवक के रूप में पंजीयन से लेकर उपकरण वितरण तक सेवा दे रहे हैं।
16 मार्च तक चलेगा शिविर
अग्रवाल विकास समिति के अध्यक्ष गोपालकृष्ण गर्ग (जीएमडी) और सचिव सुनील सिंहल ने बताया कि शिविर में 1000 से अधिक दिव्यांगजनों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। शिविर 16 मार्च तक चलेगा। इच्छुक दिव्यांगजन आधार कार्ड और दिव्यांगता प्रमाण पत्र के साथ पंजीयन कराकर इसका लाभ ले सकते


