जावद में किसानों का बड़ा जमावड़ा: कल 28 मार्च से जुटेंगे देशभर के अन्नदाता, तैयारियों में जुटा प्रशासन पीएम मोदी के विश्वस्त 'कृषि ऋषि' पद्मश्री डॉ. पालेकर 4 दिन तक देंगे प्राकृतिक खेती का निःशुल्क प्रशिक्षण एक गाय से 15 एकड़ खेती का मिलेगा मंत्र; क्षेत्रीय विधायक सखलेचा ने स्थानीय किसानों से की जुड़ने की अपील
28 Mar 2026
NEEMUCH NEWS
जावद । रासायनिक खाद के बढ़ते बोझ और कर्ज के चक्रव्यूह से अन्नदाता को उबारने के लिए नीमच जिले की जावद तहसील में देश का सबसे बड़ा ‘प्राकृतिक खेती महायज्ञ’ होने जा रहा है। जावद में किसानों का एक बड़ा जमावड़ा लगने वाला है, जहां कल 28 मार्च से देशभर के किसान जुटना शुरू हो जाएंगे। पूर्व मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक ओमप्रकाश सखलेचा की इस अनूठी पहल पर 28 से 31 मार्च 2026 तक चलने वाले इस चार दिवसीय निःशुल्क प्रशिक्षण शिविर को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद है और युद्ध स्तर पर तैयारियों में जुटा हुआ है।
भारतीय कृषि के इतिहास में यह संभवतः पहला अवसर है, जब किसी जनप्रतिनिधि ने किसानों को ‘आत्मनिर्भर’ और खेती को ‘जहर मुक्त’ बनाने के लिए राष्ट्रीय स्तर का इतना बड़ा आयोजन किया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल करेंगे शुभारंभ सत्र की शुरुआत,इस चार दिवसीय ऐतिहासिक ‘राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती शिविर’ के शुभारंभ सत्र की शुरुआत भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल करेंगे। उनके मुख्य आतिथ्य में इस महाकुंभ का विधिवत आगाज होगा, जो अंचल और देशभर से आए किसानों के लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक बनेगा।
डॉ. पालेकर देंगे निःशुल्क प्रशिक्षण, प्रशासन अलर्ट मोड पर
इस चार दिवसीय महासंगम में ‘कृषि ऋषि’ के नाम से विख्यात पद्मश्री डॉ. सुभाष पालेकर स्वयं मौजूद रहेंगे और किसानों को निःशुल्क प्रशिक्षण देंगे। कृषि क्षेत्र में डॉ. पालेकर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बेहद विश्वस्त माना जाता है। प्रधानमंत्री मोदी स्वयं कई बार डॉ. पालेकर के 'शून्य लागत प्राकृतिक खेती' (Zero Budget Natural Farming) मॉडल की प्रशंसा कर चुके हैं। शिविर का मूल मंत्र यह है कि केवल एक देसी गोमाता के सहारे 10 से 15 एकड़ जमीन पर बिना एक भी रुपये की रासायनिक खाद खरीदे, भरपूर और विषमुक्त फसल कैसे ली जाए। इस विशाल आयोजन में देशभर से आ रहे किसानों की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने भी मोर्चा संभाल लिया है और कार्यक्रम स्थल पर चाक-चौबंद व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
किसानों के ठहरने और भोजन की पूरी व्यवस्था निःशुल्क
आर्थिक तंगी के कारण किसान ज्ञानवर्धक आयोजनों से वंचित न रहें, इसलिए विधायक ओमप्रकाश सखलेचा ने इस आयोजन में भाग लेने वाले प्रत्येक किसान के लिए आवास, नाश्ता और भोजन की व्यवस्था पूरी तरह निःशुल्क रखी है।
विधायक का आह्वान- उच्च स्तर के ज्ञान का लाभ उठाएं स्थानीय किसान । विधायक ओमप्रकाश सखलेचा ने नीमच जिले एवं आस-पास के सभी किसानों से इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर जुड़ने का विशेष आह्वान किया है। उन्होंने कहा, "जावद अब देशभर के किसानों के लिए प्राकृतिक खेती का तीर्थ बनने जा रहा है। मेरी क्षेत्र के किसानों से अपील है कि वे इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएं, जिससे उन्हें घर बैठे ही राष्ट्रीय स्तर का उच्च कोटि का कृषि ज्ञान प्राप्त हो सके।" आयोजन समिति और प्रशासन का पूरा प्रयास है कि यह चार दिवसीय शिविर किसानों की लागत घटाकर उनकी आय बढ़ाने और भारतीय कृषि में नई उम्मीद जगाने में एक मील का पत्थर साबित हो।