नीमच। शहर की सड़कों पर इन दिनों कानून का खौफ कम और रसूख की चमक ज्यादा दिखाई दे रही है। प्रशासन को खुलेआम चुनौती देते हुए रईसजादे अपनी लग्जरी गाड़ियों पर नंबर प्लेट की जगह अपनी पहचान लिखकर बेधड़क घूम रहे हैं। यह नजारा न केवल ट्रैफिक नियमों का खुला मजाक है बल्कि जिले की कानून व्यवस्था को भी सीधी चुनौती है। परिवहन नियमों के अनुसार नंबर प्लेट पर स्पष्ट अंकों के अलावा कुछ भी लिखना पूरी तरह प्रतिबंधित है। लेकिन यहाँ रसूख के नशे में चूर इन लोगों ने नंबरों को हटाकर जातिसूचक शब्द लिखवा रखे हैं जो इनकी कानून के प्रति लापरवाही को दर्शाता है। हैरानी की बात यह है कि ट्रैफिक पुलिस शहर में सख्ती और चेकिंग के बड़े-बड़े दावे करती है लेकिन ऐसे रसूखदार लोगों पर कार्रवाई करने में नाकाम साबित हो रही है। यह स्थिति न केवल सड़क सुरक्षा के लिए खतरा है बल्कि शहर की कानून व्यवस्था पर भी बड़े सवालिया निशान खड़े कर रही है। यदि ऐसी गाड़ियों से कोई दुर्घटना हो जाए तो उनकी पहचान करना लगभग नामुमकिन है। नंबर प्लेट पर नंबर न होना सीधे तौर पर किसी बड़ी साजिश या अपराध को भी बढ़ावा दे सकता है।