बरूखेड़ा मार्ग पर संचालित हो रहा है एक नामचीन डेयरी वाले का बेनाम कारखाना, आखिर विभाग किसे बचाने की कर रहा है कोशिश...
10 Apr 2026
NEEMUCH NEWS
नीमच। जिले में मिलावटखोरों के खिलाफ कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के सख्त रुख ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। खाद्य विभाग की टीम सड़कों पर तो है नमूने भी लिए जा रहे हैं लेकिन शहर में चर्चा इस बात की है कि क्या यह कार्रवाई केवल छोटे शिकार तक सीमित रहेगी क्या खाद्य सुरक्षा अधिकारी यशवंत शर्मा उन बड़े मगरमच्छों के ठिकानों पर छापा मारने की हिम्मत दिखा पाएंगे जिनके पास रसूख का सुरक्षा कवच है विश्वस्त सूत्रों ने खुलासा किया है कि शहर के एक बेहद रसूखदार डेयरी संचालक ने बरूखेड़ा मार्ग पर अपना एक सीक्रेट प्लांट बना रखा है। यह कारखाना बाहर से देखने पर किसी साधारण गोदाम या मकान जैसा दिखता है ताकि किसी की नजर न पड़े। इसके अंदर दूध, घी और मावे का बड़े पैमाने पर निर्माण हो रहा है। सवाल यह है कि आखिर विभाग की मुस्तैद टीम की नजर इस बेनाम कारखाने पर अब तक क्यों नहीं पड़ी क्या विभाग को किसी हरी झंडी का इंतजार है। शहर के मुख्य बाजारों और घनी बस्तियों में सालों से डेयरियों का जाल बिछा हुआ है जहां शुद्धता के मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
नया बाजार व घंटाघर यहां की संकरी गलियों में चल रही डेयरियों की जांच कब होगी। बघाना व ग्वालटोली बरसों पुराना कारोबार लेकिन मानकों का अता-पता नहीं। नीमच सिटी व विकास नगर पॉश इलाकों से लेकर बस्तियों तक सफेद जहर की आशंका गर्मी का सीजन और सिंथेटिक का डर जैसे-जैसे पारा चढ़ रहा है बाजार में मावे और पनीर की मांग बढ़ गई है। आशंका जताई जा रही है कि इसी मांग की आड़ में बरूखेड़ा मार्ग जैसे गुप्त कारखानों में केमिकल का खेल चल रहा है। यदि समय रहते इन अघोषित कारखानों पर छापा नहीं मारा गया तो नीमच की जनता के स्वास्थ्य के साथ बड़ा खिलवाड़ हो सकता है। मनासा रोड की डेयरियों पर कार्रवाई के बाद अब शहर की उन नामचीन दुकानों और होटलों की बारी है जिनका दूध सीधे इन गुप्त कारखानों से आता है। जिला कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने स्पष्ट किया है कि मिलावट करने वाला कोई भी हो उसे बख्शा नहीं जाएगा। अब गेंद खाद्य सुरक्षा अधिकारी यशवंत शर्मा के पाले में है कि वे कब इन बेनाम ठिकानों का ताला तोड़ते हैं।