यह हैं आरोपी.....प्रकरण में निम्न आरोपियों के विरुद्ध अपराध दर्ज किया गया है- भगवान मीणा पिता भेरूलाल मीणा, निवासी बैसला तहसील रामपुरा जिला नीमच प्रेमलता अमर रावत, तत्कालीन सरपंच ग्राम पंचायत बैसला आनंद सक्सेना, तत्कालीन सचिव ग्राम पंचायत बैसला अनुराग पाटीदार, तत्कालीन पटवारी बैसला बी.के. मकवाना, तत्कालीन तहसीलदार रामपुरा
जांच में सामने आई बड़ी साजिश....
EOW की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें असली बताकर उपयोग किया। इसके जरिए मृतक केदार मीणा की भूमि को भगवान मीणा के नाम दर्ज कराया गया। जांच एजेंसी का कहना है कि यह पूरा कृत्य आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी, कूटरचना और पद के दुरुपयोग की श्रेणी में आता है।
इन धाराओं में मामला दर्ज.... आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471, 120-बी सहित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने संकेत दिए हैं कि मामले में दस्तावेजों की गहन जांच के साथ अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाएगी।