कलयुग में सतयुग! बैंक खाते में अचानक आए ₹7 लाख से ज्यादा! जानिए फिर क्या हुआ? अहमदाबाद मंदिर के ₹7.28 लाख गलती से आए खाते में, नीमच की पार्षद ने तुरंत लौटाए! जीत लिया सबका दिल!
25 Jun 2026
NEEMUCH NEWS
नीमच । आज के इस कलयुग में जहां लोग एक-एक पैसे के लिए अपनों से लड़ जाते हैं, वहीं नीमच से ईमानदारी की एक ऐसी झकझोर देने वाली मिसाल सामने आई है, जिसने हर किसी का सिर फख्र से ऊंचा कर दिया है। नीमच नगर पालिका परिषद की सक्रिय और जागरूक पार्षद श्रीमती सुमित्रा मुकेश पोरवाल ने ईमानदारी का वो परिचय दिया है, जिसकी गूंज अब पूरे इलाके में सुनाई दे रही है!
कैसे हुआ यह बड़ा उलटफेर:-मामला तब शुरू हुआ जब स्वामीनारायण मंदिर ट्रस्ट, अहमदाबाद की एक भारी-भरकम राशि, जो कि ₹7,28,000 थी, तकनीकी गड़बड़ी की वजह से गलती से पार्षद सुमित्रा पोरवाल के बैंक ऑफ बड़ौदा (पुस्तक बाजार शाखा) के खाते में ट्रांसफर हो गई। ICICI बैंक के माध्यम से हुए इस RTGS (ट्रांजैक्शन नंबर: 42024102800589483) के बाद बैंक ने सुरक्षा कारणों से खाता होल्ड पर डाल दिया था।
बैंक पहुंचते ही उड़े होश, फिर जो हुआ...कई दिनों बाद जब पार्षद श्रीमती पोरवाल अपने खाते से पैसे निकालने बैंक पहुंचीं, तो उन्हें इस बात की भनक लगी। लाखों रुपये खाते में देखकर कोई भी डगमगा सकता था, लेकिन श्रीमती सुमित्रा पोरवाल का ईमान टस से मस नहीं हुआ! उन्होंने पल भर की भी देरी नहीं की। पार्षद श्रीमती सुमित्रा पोरवाल ने बताया कि :- जैसे ही उन्हें पता चला कि यह पैसा किसी आम इंसान का नहीं बल्कि 'स्वामीनारायण मंदिर ट्रस्ट' का है, उन्होंने तुरंत बैंक मैनेजर से संपर्क किया।
यह पैसा मेरा नहीं है, इसे तुरंत इसके असली हकदार तक पहुंचाएं। श्रीमती पोरवाल के निर्देश पर बैंक प्रबंधन ने तत्काल मुस्तैदी दिखाते हुए पूरी की पूरी ₹7,28,000 की राशि वापस स्वामीनारायण मंदिर ट्रस्ट, अहमदाबाद के खाते में भेज दी।
बैंक मैनेजर ने किया सैल्यूट, मिला सम्मान:- पार्षद की इस बेमिसाल और अकल्पनीय ईमानदारी को देखकर बैंक प्रबंधक और वहां मौजूद स्टाफ भी दंग रह गया। बैंक मैनेजर ने सार्वजनिक रूप से सुमित्रा पोरवाल की इस नेकदिली की जमकर तारीफ की और उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया।
पार्षद की जनता से बड़ी अपील: लालच छोड़ें, ईमानदारी चुनें:-इस पूरे घटनाक्रम के बाद पार्षद श्रीमती सुमित्रा मुकेश पोरवाल ने आम जनता को एक बेहद खूबसूरत और सीख देने वाला संदेश दिया है! अगर कभी भी आपके खाते में गलती से किसी और का पैसा आ जाए, तो लालच में न आएं। उसे तुरंत पूरी ईमानदारी के साथ वापस लौटाएं ताकि भेजने वाला व्यक्ति परेशान न हो।