सिंगोली में नगर परिषद की मनमानी: राजीव आवास का आरक्षित पार्क निगलकर बना रहे भोजनशाला,भूखण्ड स्वामियों में आक्रोश,सिंगोली में हरा क्षेत्र मिटाने की साजिश, CMO-तहसीलदार को सौंपा विरोध पत्र
14 Jul 2026
NEEMUCH NEWS
सिंगोली नगर परिषद की लापरवाही और मनमानी एक बार फिर उजागर हुई है। वार्ड क्रमांक 03 की राजीव आवास कॉलोनी में बच्चों के खेलने और रहवासियों के स्वास्थ्य के लिए आरक्षित पार्क को नगर परिषद ने अपने स्वार्थ के लिए नष्ट करना शुरू कर दिया है। यहां सामुदायिक भवन की भोजनशाला का अवैध निर्माण करवाया जा रहा है।
नगर परिषद की इस दादागिरी से आक्रोशित भूखण्ड स्वामियों ने 14 जुलाई 2026 को CMO और तहसीलदार कार्यालय का घेराव कर जमकर विरोध जताया और अवैध निर्माण तुरंत बंद कराने की मांग की।
नियम-कानून ताक पर,पार्क पर चल रहा बुलडोजर,राजीव आवास कॉलोनी के भूखण्ड क्रमांक 41 से 58 के स्वामियों का कहना है कि कॉलोनी बसाते समय नगर परिषद ने लिखित में वादा किया था कि यहां पार्क बनेगा। इसी शर्त पर महंगे दामों में भूखण्ड बेचे गए थे। लेकिन अब नगर परिषद खुद ही अपने वादे से मुकर गई है। आरक्षित पार्क की जमीन पर जेसीबी से नींव खुदवा दी गई है और सी.सी. का काम भी शुरू कर दिया गया है। कॉलोनी का नक्शा नगर एवं ग्राम निवेश से पास है,जिसमें पार्क को छेड़छाड़ नहीं की जा सकती। बावजूद इसके नगर परिषद नियमों को ताक पर रखकर निर्माण करवा रही है।
भूखण्ड स्वामियों ने इसे "सरासर धोखाधड़ी और विश्वासघात"* करार दिया है।
शासकीय जमीन पर भी भू-माफियाओं की नजर,रहवासियों ने आरोप लगाया कि कॉलोनी के पीछे लगी शासकीय भूमि पर भी भू-माफियाओं की नजर है। नगर परिषद की मिलीभगत से वहां भी कब्जा करवाने की तैयारी है। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो पूरा हरा क्षेत्र कंक्रीट में तब्दील हो जाएगा।
4 सूत्रीय मांग, नहीं मानी तो होगा उग्र आंदोलन
भूखण्ड स्वामियों ने प्रशासन से 4 मांगें की हैं:
1. पार्क पर चल रहा अवैध निर्माण तुरंत बंद हो
2. पार्क को तोड़कर बनाई गई नींव और सी.सी. हटाई जाए
3. पार्क को पूर्ववत खुला रखा जाए,उस पर कोई निर्माण न हो
4. कॉलोनी की पीछे की शासकीय जमीन को अतिक्रमण से बचाया जाए
रहवासियों ने चेतावनी दी है कि अगर 7 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो वे कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगे और अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे।
प्रशासन की चुप्पी,ज्ञापन देने के बाद भी अभी तक नगर परिषद के किसी अधिकारी ने निर्माण नहीं रुकवाया है। इससे साफ है कि नगर परिषद की इस अवैध कार्यवाही में बड़े लोगों का हाथ है। फिलहाल प्रशासन मामले की लीपापोती में लगा है।