इंदौर। भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने एक बार फिर सर्जिकल स्ट्राइक की है। इंदौर में एक घूसखोर जूनियर इंजीनियर (JE) को लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी इंजीनियर बिजली कंपनी के सुखलिया जोन में पदस्थ है, जो एक होटल व्यवसायी से सोलर पैनल की फाइल आगे बढ़ाने के एवज में मोटी रकम ऐंठ रहा था। लोकायुक्त ने आरोपी के चंगुल से रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 40,000 रुपये बरामद किए हैं।

मोटे माल के चक्कर में नप गया साहब:-
लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख के सख्त निर्देशों और डीआईजी मनोज सिंह के मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक (SP) राजेश सहाय की टीम ने इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया।

ये है पूरा मामला:
फाइल की कीमत 80 हजार: परदेशीपुरा निवासी बिल्डर और होटल व्यवसायी शिवप्रकाश बसवाल ने अम्बे नगर (मारूति नगर) के पास स्थित अपनी 'जी.आर.-7 होटल' की इमारत पर सोलर पैनल लगाने की अनुमति मांगी थी।

साहब ने अड़ाया रोड़ा: -
मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (MPPKVVCL) के सुखलिया जोन में पदस्थ कनिष्ठ यंत्री (JE) नमेश कुमार भोंडेकर इस फाइल को आगे बढ़ाने के बदले 80,000 रुपये की रिश्वत मांग रहा था।

फंसाने का बुना जाल: -
परेशान होकर शिवप्रकाश ने 17 जुलाई को लोकायुक्त दफ्तर में इसकी शिकायत कर दी। एसपी राजेश सहाय ने तुरंत मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हो गई।
चेंबर में जैसे ही पकड़े नोट, टीम ने धर दबोचा
शनिवार (18 जुलाई) को लोकायुक्त इंस्पेक्टर सचिन पटेरिया के नेतृत्व में एक विशेष जाल बिछाया गया। शिवप्रकाश तय रणनीति के तहत सुखलिया जोन स्थित कनिष्ठ यंत्री के दफ्तर पहुंचे। जैसे ही उन्होंने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 40,000 रुपये नमेश कुमार भोंडेकर को थमाए, वैसे ही पहले से घात लगाकर बैठी लोकायुक्त की टीम ने धावा बोल दिया।

रंगे हाथों गिरफ्तारी: -
आरोपी इंजीनियर को रिश्वत के रुपयों के साथ रंगे हाथों दबोच लिया गया। लोकायुक्त की टीम ने जब उसके हाथ धुलवाए, तो वे गुलाबी हो गए। इस कार्रवाई से पूरे बिजली विभाग में हड़कंप मच गया है।
भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज:-
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी जेई नमेश कुमार भोंडेकर (मूल निवासी- सिवनी) के खिलाफ धारा 7, भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। खबर लिखे जाने तक आरोपी के दफ्तर और ठिकानों पर लोकायुक्त की कार्रवाई जारी थी।

शिकार करने वाली जांबाज टीम:
इस सफल ट्रैप में इंस्पेक्टर सचिन पटेरिया के साथ प्रधान आरक्षक विजय कुमार, विवेक मिश्रा, आरक्षक कमलेश परिहार, एम.एम. सतीश यादव, कृष्ण अहिरवार, मनीष माथुर और चालक शेर सिंह ठाकुर की मुख्य भूमिका रही।