नीमच। सावन का महीना और सोमवार का दिन... यानी भोले के भक्तों के लिए डबल खुशी। आज सावन का पहला सोमवार है।  नीमच जिले में स्थित प्रसिद्ध श्री सुखानंद तीर्थ पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है। अरावली की वादियों में बसे इस प्राचीन शिव मंदिर की क्या है। 
 "नीमच से करीब 27 किलोमीटर दूर, जावद के पास अरावली पर्वतमाला की सुरम्य वादियों में बसा है भगवान शिव का प्राचीन तीर्थ - श्री सुखानंद। मान्यता है कि ये वही पवित्र भूमि है जहां महर्षि सुखदेव ने तपस्या की थी। कहा जाता है कि यहीं स्वयं गंगा माता प्रकट हुई थीं। और इसी कारण बारहों महीने यहां भक्तों का तांता लगा रहता है।" "सुखानंद की सबसे बड़ी विशेषता - यहां भगवान शिव प्राकृतिक रूप में,पहाड़ियों के बीचो-बीच विराजमान हैं। सावन के पहले सोमवार पर आज सुबह 4 बजे से ही मंदिर के पट खुलते ही भक्तों ने जल, दूध और बेलपत्र से अभिषेक शुरू कर दिया। हर तरफ सिर्फ एक ही आवाज - बम-बम भोले। आज सावन के पहले सोमवार को को लेकर मध्य प्रदेश के पूर्व एमएसएमई मंत्री एवं जावद विधानसभा क्षेत्र के विधायक ओमप्रकाश सखलेचा भी सुखानंद तीर्थ पहुंचकर भगवान शिव की विशेष पूजा अर्चना कर प्रदेश में अच्छी बारिश और सुख समृद्धि की कामना की और सभी को सावन के पहले सोमवार शुभकामनाएं दी