नीमच : धनवंतरी पौधा बैंक संगठन परिवार पर्यावरण के सरोकार के साथ निरंतर बिगड़ते जलवायु के लिए अपने संकल्पित उद्देश्यों के साथ प्रकृति की सेवार्थ कार्यों को कर रहा है । यह जानकारी संस्था फ़ाउंडर अध्यक्ष श्रीमती पुष्पलता सक्सेना ने दी और बताया कि किसी भी पौधे के एक बीज में उस पौधे का पूरा एक वंश छुपा हुआ है इसलिए हर बीज फल खाने के बाद पुनः प्रकृति को लौटाया जाना चाहिए ।इसी तारतम्य में रामझर महादेव दलपतपुरा वन क्षेत्र में संस्था सदस्यों ने बनाए गए सीड बॉल को डाला । नीम, करंज, पारस पीपल इमली, बोर, जामुन ,बेल ,करी पत्ता आदि वृक्ष प्रकृति के पौधो के सीड बॉल डाले गए । ताकि यह वर्षा ऋतु में जल्दी उग सके और आने वाले समय में विशाल वृक्ष बनकर पर्यावरण संतुलन में मदद करे । रामझर वन क्षेत्र में सागौन, खेजड़ी, फालसा, खैर ,धावड़ा, नीम ,पलाश, बोर जैसी आर्थिक महत्व की प्रजातियां पाई जाती हैं । संस्था द्वारा यह वन यात्रा कार्यक्रम 9 अगस्त 2026 रविवार को आयोजित की गई और वन विहार के दौरान मंदिर क्षेत्र में बैठक का आयोजन कर आगामी कार्यक्रम की रूपरेखा तय की गई यह जानकारी संस्था कार्यकारिणी सदस्य डॉ मीना हरित एवं श्रीमती सरोज गांधी ने दी । इस अवसर पर लघु परिचर्चा में श्रीमती संतोष चौधरी ने घर में उगने वाले पौधों की जानकारी भी दी । श्रीमती चंद्रकांता दानगढ़ ने अगली बैठक मालगढ़ में रखने का अनुरोध किया । महेश शर्मा ने अठाना मुक्तिधाम में वृक्षारोपण कार्यक्रम का प्रस्ताव भी दिया जो संस्था द्वारा आगामी दिवस में किया जाएगा । यात्रा में संस्था कोषाध्यक्ष एडवोकेट अशोक सक्सेना ने घर-घर बगिया बनाने का अनुरोध किया । प्रीति सक्सेना, प्रदीप जैन, श्रीमती अंजू जैन, शरद पाटीदार, दिविद जैन की सक्रिय भूमिका रही।कार्यक्रम का संचालन संस्था सचिव सत्येंद्र कुमार सक्सेना ने किया एवं आभार यात्रा संयोजक आर के प्रजापति एवं श्रीमती निकिता सिंहल ने माना । उपरोक्त जानकारी प्रचार सचिव नितिन सक्सेना ने दी ।