नीमच /मध्यप्रदेश के नीमच जिले से शुरू हुआ 'इंटरव्यू विवाद' अब देश की राजधानी दिल्ली तक पहुंच गया है। कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के भाई-बहन के पवित्र रिश्ते पर की गई घटिया टिप्पणी का मामला अब सीधे कांग्रेस हाईकमान के पाले में है। सूत्रों के हवाले से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है कि राहुल गांधी की पर्सनल टीम ने इस पूरे मामले को संज्ञान में ले लिया है और नीमच के स्थानीय नेताओं से फोन पर बात कर पूरी रिपोर्ट तलब की है।

सियासी गलियारों में चर्चा तेज है कि अपने ही शीर्ष नेताओं के अपमान पर चुप्पी साधने वाले नीमच जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती पर कभी भी गाज गिर सकती है और उन्हें पद से हाथ धोना पड़ सकता है!

राहुल गांधी की टीम एक्टिव, बड़ा एक्शन तय:-
सूत्रों के मुताबिक, एक पत्रकार द्वारा राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के स्नेहपूर्वक चुंबन (Kiss) को लेकर जिस तरह के मर्यादहीन और घटिया शब्दों का इस्तेमाल किया गया, उससे दिल्ली दरबार बेहद खफा है। स्वाभाविक रूप से एक भाई और बहन के बीच अटूट और पवित्र प्रेम होता है, जिसे इस इंटरव्यू में बेहद ओछे ढंग से उछाला गया। राहुल गांधी की टीम इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है, जिसे जल्द ही राहुल गांधी के समक्ष पेश किया जाएगा। माना जा रहा है कि अनुशासनहीनता और ढुलमुल रवैये को लेकर हाईकमान जिला अध्यक्ष तरुण बाहेती पर सख्त एक्शन लेने के मूड में है।

चौतरफा घिरे जिला अध्यक्ष की सफाई, 'नीमच टुडे' के बहिष्कार का एलान:-
मामला दिल्ली दरबार तक पहुंचने और पार्टी के भीतर मचे भारी बवाल के बाद बैकफुट पर आए जिला अध्यक्ष तरुण बाहेती ने अब डैमेज कंट्रोल की कवायद शुरू कर दी है। जिला कांग्रेस कमेटी ने एक आधिकारिक पत्र जारी कर संबंधित न्यूज़ चैनल  और उसके संपादक का पूर्ण बहिष्कार करने का एलान कर दिया है।

तरुण बाहेती और संगठन महासचिव बृजेश मित्तल द्वारा जारी संयुक्त बयान में कहा गया है! 

"हमारे प्रेरणास्रोत आदरणीय श्री राहुल गांधी जी के विरुद्ध की गई टिप्पणी पूर्णतः एकतरफा, द्वेषपूर्ण और पत्रकारिता के उच्च मानकों के विपरीत है। संपादक ने प्रोमो में केवल अपने अनुकूल सवालों को दिखाया, जबकि हमारे द्वारा दिए गए वास्तविक जवाबों और आपत्तियों को जानबूझकर काट दिया गया।
नीमच जिला कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि जब तक ‘नीमच टुडे’ इस भ्रामक व दुर्भावनापूर्ण टिप्पणी के लिए बिना शर्त सार्वजनिक खेद व्यक्त नहीं करता और लिखित में माफी नहीं मांगता, तब तक जिले का कोई भी कांग्रेस नेता, जनप्रतिनिधि या कार्यकर्ता इस चैनल को कोई बाइट, इंटरव्यू या कवरेज नहीं देगा। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का हनन बताते हुए लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने की बात कही है।

क्या बहिष्कार से बच पाएगी कुर्सी:-
नीमच कांग्रेस ने भले ही अब चैनल के खिलाफ मोर्चा खोलकर अपनी निष्ठा साबित करने की कोशिश की हो, लेकिन सियासी जानकारों का कहना है कि तीर कमान से छूट चुका है। 
वही जिलाध्यक्ष तरुण बाहेती का यह भी कहना है कि उन्होंने इस बात का विरोध किया था पत्रकार ने उस हिस्से को काटने की बात कही थी लेकिन वो हिस्सा भी चला दिया, इस आपत्तिजनक शब्द पर वे दो बार इंटरव्यू छोड़ चुके थे.. 

अब देखना दिलचस्प होगा कि दिल्ली से आने वाली 'सख्त रिपोर्ट' तरुण बाहेती की कुर्सी छीनती है या वे खुद को निर्दोष साबित करने में कामयाब होते हैं!