नीमच। शहर के हायर सेकेंडरी स्कूल के ऐतिहासिक खेल मैदान को बचाने की मांग को लेकर मैदान बचाओ समिति का आंदोलन मंगलवार को नौवें दिन भी जारी रहा। भारत माता चौराहे पर चल रहे धरना प्रदर्शन में आज नीमच पैंथर्स क्रिकेट टीम ने मोर्चा संभाला। टीम ने मनीष वर्मा के नेतृत्व में धरने में सहभागिता करते हुए मैदान को सुरक्षित रखने की मांग को मजबूती से दोहराया।
आज धरना स्थल पर डॉ. मुफीस अली, विनायक खंडेलवाल, आशीष जैन, केशव शर्मा, मोनी (प्रिंस) अहीर, सलीम भाई मंसूरी, डॉ. मिश्रा, शाहिद खान और प्रदीप वर्मा सहित अन्य खेलप्रेमी एवं समर्थक मौजूद रहे।
मांग सिर्फ एक—हायर सेकेंडरी का मैदान, मैदान ही रहने दो,धरना दे रहे खिलाड़ियों और समिति के सदस्यों का कहना है कि हायर सेकेंडरी स्कूल का मैदान केवल खिलाड़ियों के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि आम शहरवासियों के लिए भी यह बेहद अहम सार्वजनिक खुला स्थान है।
शहर में लगातार बढ़ते निर्माण और सीमित होते खुले स्थानों के बीच यह मैदान नीमच के लिए एक बड़े खुले क्षेत्र के रूप में आबोहवा और पर्यावरण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सुबह-शाम यहां टहलने आने वाले लोगों से लेकर बच्चों, युवाओं, खिलाड़ियों और आसपास के रहवासियों तक के लिए यह स्थान उपयोगी है । आंदोलनकारियों का कहना है कि किसी शहर के विकास का अर्थ उसके बचे हुए खुले स्थानों को खत्म करना नहीं हो सकता। खेल, स्वास्थ्य, पर्यावरण और शहर की बेहतर आबोहवा—इन सभी लिहाज से इस मैदान को सुरक्षित रखना जरूरी है।
इसीलिए समिति और खेलप्रेमियों की मांग स्पष्ट है—“हायर सेकेंडरी का मैदान, मैदान ही रहने दो।”
एक दिन पहले मोमबत्तियों से नेपाल त्रासदी के दिवंगतों को श्रद्धांजलि, इससे एक दिन पहले सोमवार शाम भारत माता चौराहे पर मैदान बचाओ समिति के धरना स्थल पर नेपाल में आई त्रासदी में दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया था। बड़ी संख्या में खेलप्रेमियों और शहरवासियों ने मोमबत्तियां जलाकर दिवंगतों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। मैदान बचाने के आंदोलन के बीच आयोजित यह कार्यक्रम सामाजिक सरोकार और मानवीय संवेदना का संदेश भी देता नजर आया। लोगों ने मोमबत्ती प्रज्वलित कर त्रासदी में जान गंवाने वालों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।
मैदान सिर्फ खेल की जगह नहीं,शहर की जरूरत,समिति का कहना है कि यह मैदान बच्चों और खिलाड़ियों के खेल एवं अभ्यास के लिए जितना जरूरी है, उतना ही आम नागरिकों के स्वास्थ्य, खुली हवा और शहर के पर्यावरणीय संतुलन के लिए भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में इसे किसी अन्य उपयोग में लेने के बजाय आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जाना चाहिए।
नौवें दिन भी धरना जारी है और आंदोलनकारियों का संदेश साफ है—यह लड़ाई केवल खिलाड़ियों के मैदान की नहीं, बल्कि नीमच के हर उस नागरिक की है, जो शहर में खुले स्थान, बेहतर आबोहवा और स्वस्थ भविष्य चाहता है।